नई दिल्ली (जीतेन्द्र शर्मा): अरुणाचल प्रदेश पर्यटन विभाग ने राज्य को भारत के सबसे विशिष्ट और अनुभव-आधारित पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अपना नया ब्रांड अभियान ‘Take a New Turn in Arunachal’ लॉन्च किया है। यह अभियान अरुणाचल हाउस, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री पासांग डोरजी सोना की अध्यक्षता में प्रस्तुत किया गया।
यह अभियान राज्य की नई ब्रांड पहचान ‘Beyond Myths and Mountains’ पर आधारित है, जो पर्यटकों को केवल पहाड़ों और घाटियों से आगे बढ़कर अरुणाचल की जीवंत संस्कृति, जनजीवन और अनछुए अनुभवों को जानने का आमंत्रण देता है। अभियान के तहत तवांग, जीरो, अनिनी, नामसाई, डोंग और मेचुका जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को कहानी और अनुभव के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री पासांग डोरजी सोना ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश ऐतिहासिक विरासत, बौद्ध संस्कृति, बर्फ से ढकी चोटियों, समृद्ध जैव विविधता और विविध जनजातीय परंपराओं से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने कहा कि यहां विरासत, वन्यजीवन, साहसिक पर्यटन, प्रकृति, अनोखे त्योहार और विशिष्ट संस्कृति जैसे सभी तत्व मौजूद हैं, जो इसे एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाते हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि कोविड के बाद राज्य के पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 और 2024 में अरुणाचल प्रदेश में प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो महामारी से पहले की तुलना में बड़ा इजाफा है। यह वृद्धि रणनीतिक ब्रांडिंग, बेहतर कनेक्टिविटी और अनुभव-आधारित पर्यटन योजनाओं का परिणाम है।
नई पर्यटन नीति के तहत राज्य सरकार सड़क और हवाई संपर्क सुधारने, पर्यटक सुविधाओं के विकास और आवास क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत तक विस्तार पर काम कर रही है। साथ ही फार्म टूरिज्म, आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, जनजातीय पर्यटन और बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अभियान में दर्शाए गए प्रमुख अनुभव
तवांग: आध्यात्मिक विरासत और हिमालयी दृश्य
जीरो: सांस्कृतिक लय और आदिवासी जीवन
अनिनी: झीलों और झरनों की धरती
नामसाई: आध्यात्मिकता और नदी संस्कृति
डोंग: भारत की पहली सूर्योदय भूमि
मेचुका: रोमांच और शांति का संगम
अभियान के तहत तैयार फिल्में और प्रिंट विजुअल स्थानीय लोगों से जुड़ाव, मानवीय भावनाओं और सहज पलों को दर्शाते हैं, जो अरुणाचल की असली पहचान को सामने लाते हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अरुणाचल प्रदेश की सकारात्मक छवि बनाने में मदद करेगी और आने वाले वर्षों में राज्य को भारत के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल करेगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स और टूर ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी कर नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने पर भी काम कर रहा है।
अरुणाचल प्रदेश, जिसे “उगते सूरज की धरती” कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और टिकाऊ पर्यटन नीति के साथ देश और दुनिया के पर्यटकों को नए अनुभवों की ओर आमंत्रित कर रहा है।


