नई दिल्ली। भारत का लक्ज़री रियल एस्टेट बाज़ार अब सिर्फ़ रिहायश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह निवेश, लाइफस्टाइल और वैश्विक पूंजी के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए फोर्ब्स ग्लोबल प्रॉपर्टीज़ ने भारत के लिए अपनी दीर्घकालिक रणनीति ‘मिशन 2030’ का अनावरण किया है।
फोर्ब्स ब्रांड की सौ वर्षों से अधिक की वैश्विक विश्वसनीयता पर आधारित यह पहल रेज़िडेंशियल, कमर्शियल और एडवाइजरी सेगमेंट में उच्च मानकों वाले लक्ज़री रियल एस्टेट को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कंपनी का स्पष्ट कहना है कि उसका उद्देश्य तेज़ विस्तार नहीं, बल्कि गुणवत्ता और दीर्घकालिक मूल्य सृजन के साथ भारत में मज़बूत उपस्थिति बनाना है।
इस मौके पर फोर्ब्स ग्लोबल प्रॉपर्टीज़ के सीईओ माइकल डब्ल्यू. जल्बर्ट ने कहा कि भारत में ब्रांडेड लक्ज़री सेगमेंट में उपभोक्ताओं की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी 38 देशों में 600 कार्यालयों के साथ काम कर रही है और भारत उसके लिए एक अहम उभरता बाज़ार है।
वहीं कंपनी की डायरेक्टर मणि गुप्ता ने कहा कि भारत में ब्रांडेड रेज़िडेंसेज़ की बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि बाज़ार परिपक्व हो रहा है। अब ग्राहक केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि गुणवत्ता, गवर्नेंस, सस्टेनेबिलिटी और निवेश पर रिटर्न जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं।
- ‘मिशन 2030’ दरअसल भारत के लक्ज़री रियल एस्टेट सेक्टर को वैश्विक मानकों से जोड़ने की एक सोची-समझी कोशिश है। अगर यह रणनीति ज़मीन पर उतरी, तो आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ़ घरेलू निवेशकों, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पूंजी के लिए भी एक मज़बूत और भरोसेमंद लक्ज़री रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है।


