Wednesday, February 4, 2026
spot_img
HomeDelhiहर श्री नाथ जी मंदिर का टूटा हिस्सा, लेकिन भक्तों की आस्था...

हर श्री नाथ जी मंदिर का टूटा हिस्सा, लेकिन भक्तों की आस्था और मजबूत

दिल्ली के झंडेवालान में स्थित हर श्री नाथ जी मंदिर, जो लगभग 80 साल पुराना है और गोरखनाथ परंपरा से जुड़ा माना जाता है, इन दिनों चर्चा में है। कारण है—मंदिर के कुछ हिस्सों को प्रशासन की टीम ने तोड़ दिया। इस कार्रवाई से मंदिर से जुड़े सेवकों और भक्तों में गहरा दुख और नाराजगी है।

 

मंदिर की परंपरा और पहचान

यह मंदिर सिर्फ एक पुरानी इमारत नहीं है। यह वह जगह है जहां रोज पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन चलता है और सैकड़ों लोगों के लिए परशाद (लंगर) बनता है। कई लोग इसे अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं। यहां आने वाले लोगों के अनुसार यह स्थान शांति, भक्ति और सेवा की सबसे बड़ी मिसाल है।

 

लंगर और तुलसी वन का हिस्सा भी तोड़ा गया

सबसे ज्यादा दुख इस बात का है जिस जगह रोजाना प्रसाद तैयार होता था और जहां दर्जनों लोग भोजन करते थे वह हिस्सा भी तोड़ दिया गया।

मंदिर के पास का एक छोटा शांत क्षेत्र, जिसे “तुलसी वन” कहा जाता था, उसे भी ध्वस्त कर दिया गया। सेवक बताते हैं कि अधिकारी बिना ठीक से बात किए, अचानक आए और ये काम कर गए। मंदिर के सेवादार राम नारायण जी ने कहा
“यहां प्रसाद बनता था, लोग खाते थे। यह सिर्फ खाना नहीं, लोगों के लिए सेवा थी। इसे तोड़ने से हमारी भावना को चोट पहुंची है।” ध्वस्तीकरण के दौरान बिजली और पानी भी कई घंटों के लिए बंद कर दिए गए, जिससे साधुओं और भक्तों को परेशानी हुई।

 

रविवार को उमड़ी भीड़—लोगों ने कहा ‘आस्था नहीं टूटेगी’

रविवार को मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच गए। किसी के हाथ में फूल थे, कोई भजन गा रहा था, कोई हाथ जोड़कर भगवान के आगे बैठा था।

मलबा अभी भी वहीं पड़ा था, लेकिन लोगों की आवाजें भक्ति से भरी थीं। भजन और नाम-संकीर्तन की गूंज पूरे इलाके में सुनाई दे रही थी।

एक भक्त ने कहा “मंदिर की दीवारें टूटी हैं, लेकिन हमारी आस्था नहीं टूटेगी।”

 

मंदिर प्रबंधन की अपील

मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन से अपील की है – आस्था और परंपरा की अहमियत को समझा जाए, ध्वस्त हुए हिस्सों को दोबारा बनाने की अनुमति दी जाए और बातचीत से समाधान निकाला जाए

मंदिर समिति ने साफ कहा है कि वे किसी झगड़े या टकराव के पक्ष में नहीं हैं। उनका मकसद है कि पुरानी परंपरा और सेवा को दोबारा उसी तरह शुरू किया जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments