नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरपर्सन जय शाह ने रविवार को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली से मुलाकात कर उनके पिता और दिल्ली क्रिकेट के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली को उनकी सातवीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि अर्पित की। जय शाह की यह मुलाकात सम्मान, स्मरण और अरुण जेटली की क्रिकेट प्रशासन में छोड़ी गई विरासत को याद करने का संदेश देती है।
जय शाह ने अरुण जेटली को दूरदर्शी नेता, कुशल राजनेता और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके योगदान को याद किया। मुलाकात के दौरान दिल्ली क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और राजधानी में आधुनिक क्रिकेट ढांचे की नींव मजबूत करने में अरुण जेटली की भूमिका पर चर्चा हुई।
अरुण जेटली लंबे समय तक दिल्ली क्रिकेट से जुड़े रहे। वह वर्ष 1999 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे। क्रिकेट प्रशासन में उनके कार्यकाल को संगठन में सुधार और दिल्ली क्रिकेट को बेहतर दिशा देने के प्रयासों के लिए याद किया जाता है। वह बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल से भी जुड़े रहे।
जेटली को डीडीसीए में लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी खींचतान को कम करने और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव लाने का श्रेय भी दिया जाता है। उनके निधन के बाद दिल्ली के ऐतिहासिक फिरोजशाह कोटला स्टेडियम का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम किया गया।
आईसीसी के अनुसार, अरुण जेटली स्टेडियम दिल्ली क्रिकेट के इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है और 2019 में इसका नाम अरुण जेटली के सम्मान में रखा गया था। यह मैदान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ घरेलू और लीग क्रिकेट के बड़े मुकाबलों का भी प्रमुख आयोजन स्थल रहा है।
जय शाह और रोहन जेटली की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 के मुकाबले इसी स्टेडियम में खेले जा रहे हैं। डीपीएल को दिल्ली के युवा और उभरते क्रिकेटरों को बड़ा मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अरुण जेटली का मानना था कि दिल्ली में क्रिकेट की मजबूत प्रतिभा मौजूद है और उसे उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं तथा प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसी सोच के अनुरूप जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें उच्च स्तर के क्रिकेट तक पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं।
ऐसे में अरुण जेटली की पुण्यतिथि के आसपास अरुण जेटली स्टेडियम में डीपीएल के मुकाबलों का आयोजन उनकी क्रिकेट विरासत को एक प्रतीकात्मक रूप से भी जोड़ता है।
डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली ने जय शाह द्वारा उनके पिता को श्रद्धांजलि दिए जाने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि डीडीसीए स्वर्गीय अरुण जेटली के सिद्धांतों और दिल्ली में क्रिकेट के विकास से जुड़े उनके विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रोहन जेटली के नेतृत्व में भी डीडीसीए ने दिल्ली क्रिकेट के बुनियादी ढांचे और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनके कार्यकाल में एसोसिएशन की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ और 2023 विश्व कप के लिए स्टेडियम के नवीनीकरण पर भी बड़े स्तर पर निवेश किया गया।
अरुण जेटली सिर्फ क्रिकेट प्रशासन तक सीमित नहीं थे। वह भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और केंद्र सरकार में वित्त, कॉरपोरेट मामले, रक्षा, सूचना एवं प्रसारण तथा कानून एवं न्याय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वह एक प्रखर वक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता और कुशल प्रशासक के रूप में भी पहचाने जाते थे।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी समय-समय पर उनकी कानूनी समझ, संसदीय क्षमता, संवाद कौशल और प्रशासनिक दक्षता को याद किया है। सातवीं पुण्यतिथि पर सोमवार को भी देशभर में भाजपा नेताओं और अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को नई दिल्ली में हुआ था। इस वर्ष उनकी सातवीं पुण्यतिथि पर उनके राजनीतिक जीवन के साथ-साथ दिल्ली और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को भी विशेष रूप से याद किया जा रहा है।
जय शाह की रोहन जेटली से मुलाकात इसी विरासत को सम्मान देने वाली कड़ी के रूप में देखी जा रही है। दिल्ली क्रिकेट के लिए अरुण जेटली का योगदान आज भी अरुण जेटली स्टेडियम, डीडीसीए और राजधानी में उभरते क्रिकेटरों के लिए तैयार किए जा रहे मंचों के जरिए दिखाई देता है।


