नई दिल्ली – देशभर के छोटे और असंगठित व्यापारियों को औपचारिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में डिजिटल-फर्स्ट उद्यम असिस्ट रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की। यह पहल उद्यम असिस्ट प्रोग्राम (UAP) के तहत की गई है। इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की चीफ़ जनरल मैनेजर वाई.एम. कुमारी विशेष रूप से मौजूद रहीं।
इस लॉन्च के साथ फोनपे पहली ऐसी फिनटेक कंपनी बन गई है जो अपने मर्चेंट्स को सीधे तौर पर एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान प्रदान करती है। अब तक अधिकतर प्लेटफ़ॉर्म पारंपरिक तरीकों से उद्यम सर्टिफिकेट जारी करते थे, लेकिन फोनपे ने पूरी तरह डिजिटल प्रोसेस को अपनाकर एक नया मानक स्थापित किया है।
इस पहल का सबसे अधिक लाभ असंगठित माइक्रो मर्चेंट्स (IMEs) को मिलेगा। उन्हें अब औपचारिक पहचान मिल सकेगी, जिसके चलते वे—
* सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे,
* टैक्स में छूट का फायदा ले पाएंगे,
* बिज़नेस अकाउंट खोल सकेंगे,
* डिजिटल पेमेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसानी से पहुँच पाएंगे।
कार्यक्रम में व्यापारियों को मौके पर ही उद्यम असिस्ट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। यह प्रमाणपत्र भारत की डिजिटल वित्तीय समावेशन यात्रा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस अवसर पर फोनपे ने SIDBI के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) भी साइन किया। इसके तहत माइक्रो मर्चेंट्स को इंटीग्रेटेड सीमलेस डिजिटल लेंडिंग सॉल्यूशंस के माध्यम से आसान और त्वरित क्रेडिट उपलब्ध कराया जाएगा। इस साझेदारी से छोटे व्यापारियों को औपचारिक वित्तीय ढांचे में शामिल करने में मदद मिलेगी।
फोनपे लेंडिंग के CEO हेमंत गाला ने कहा,“फोनपे हमेशा डिजिटल वित्तीय समावेशन में अग्रणी रहा है। आज का दिन डिजिटल इंडिया और देशभर के लाखों छोटे उद्यमियों के लिए ऐतिहासिक है। SIDBI के साथ यह साझेदारी MSMEs को सरकारी योजनाओं, क्रेडिट सुविधाओं और अन्य लाभों तक पहुँच दिलाएगी। हमारा डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफ़ॉर्म न केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बना रहा है, बल्कि छोटे और सूक्ष्म उद्यमों के सशक्तिकरण का सपना भी पूरा कर रहा है।”
वहीं, SIDBI की चीफ़ जनरल मैनेजर वाई.एम. कुमारी ने कहा,“उद्यम असिस्ट प्लेटफ़ॉर्म गैर-जीएसटी पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के औपचारिकीकरण में एक प्रमुख प्रेरक के रूप में उभरा है। अब तक 2.75 करोड़ से अधिक व्यवसायों को उद्यम असिस्ट प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। फोनपे जैसे भागीदारों के साथ डिजिटल एकीकरण इस प्रक्रिया को और तेज़ बनाएगा और ऋण प्रवाह को सुगम करेगा।”
MSME मंत्रालय की फॉर्मलाइजेशन प्रोजेक्ट पहल के तहत SIDBI द्वारा विकसित Udyam Assist Platform (UAP) असंगठित माइक्रो एंटरप्राइजेज (IMEs) को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा देता है। इसके तहत उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर और उद्यम असिस्ट सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। UAP, नामित एजेंसियों के साथ API इंटीग्रेशन के जरिए IMEs को तेज़ और आसान तरीके से औपचारिक अर्थव्यवस्था में जोड़ता है।
फोनपे की यह पहल न सिर्फ छोटे व्यापारियों के औपचारिकीकरण को बढ़ावा देगी बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं और वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुँच भी दिलाएगी। SIDBI के सहयोग से यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और MSME सेक्टर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।


