नई दिल्ली(जीतेन्द्र शर्मा): यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने पंजाब सरकार पर मीडिया का दमन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी अखबार के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है, जिसे भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शाहदरा चौक पर यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट की ओर से आयोजित धरना-प्रदर्शन और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान गोयल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार “तुगलकी फरमान” जारी कर मीडिया को दबाने की कोशिश कर रही है।

गोयल ने कहा कि पंजाब केसरी और हिंद समाचार समूह का इतिहास बलिदान और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़ा रहा है। उन्होंने आपातकाल के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थापक लाला जगत नारायण ने तमाम दबावों के बावजूद अखबार का प्रकाशन जारी रखा। वहीं, पंजाब में आतंकवाद के काले दौर में भी समूह ने देश की एकता और अखंडता के पक्ष में निर्भीक पत्रकारिता की, जिसके लिए परिवार को भारी कीमत चुकानी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व द्वारा डराने-धमकाने की नीति अपनाई जा रही है, परिवार के सदस्यों और स्टाफ पर एफआईआर दर्ज कराकर दबाव बनाया जा रहा है ताकि सरकार अपनी नाकामियों को छुपा सके। गोयल ने इसे मीडिया को कुचलने का षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि पंजाब और देश की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।
जय भगवान गोयल ने राष्ट्रपति से मांग की कि लोकतंत्र की मर्यादाओं का उल्लंघन करने वाली पंजाब सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए देश विरोधी तत्वों से समर्थन लेने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने मीडिया की स्वतंत्रता के समर्थन में नारेबाजी की।


