Sunday, March 22, 2026
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एव्रो रीसाइक्लिंग लिमिटेड ने गाजियाबाद में देश की सबसे बड़ी फ्लेक्सिबल प्लास्टिक रीसाइक्लिंग यूनिट का मीडिया विजिट कराया

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए एव्रो रीसाइक्लिंग लिमिटेड ने गाजियाबाद स्थित अपनी अत्याधुनिक फ्लेक्सिबल प्लास्टिक रीसाइक्लिंग यूनिट का मीडिया टूर आयोजित किया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को प्लास्टिक कचरे के संग्रह से लेकर उसके रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोग योग्य उत्पादों में बदलने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से दिखाई गई।

एव्रो फर्नीचर के चेयरमेन सुशील अग्रवाल ने मीडिया को फैक्ट्री में स्थापित आधुनिक मशीनों, तकनीकी प्रक्रियाओं और कर्मचारियों की मेहनत से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग कर टेबल, कुर्सी और अन्य उपयोगी उत्पादों का रूप दिया जा रहा है। मीडिया प्रतिनिधियों ने इस प्रयास को आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक सराहनीय कदम बताया।

इस अवसर पर एव्रो इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं होल-टाइम डायरेक्टर सुशील अग्रवाल ने कहा,“भारत की प्लास्टिक समस्या का समाधान बिखरे हुए प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए बड़े स्तर, आधुनिक तकनीक और स्पष्ट सोच की जरूरत है। एव्रो में वर्षों की रिसर्च के बाद हमने ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो जटिल प्लास्टिक कचरे को मूल्यवान कच्चे माल में बदलता है। हमारा लक्ष्य केवल रीसाइक्लिंग नहीं, बल्कि ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जो कचरे को अवसर में बदले और पर्यावरण की रक्षा करे।”

एव्रो इंडिया का वितरण नेटवर्क देश के सबसे मजबूत नेटवर्क्स में से एक है, जो 24 राज्यों में फैला हुआ है और इसमें 300 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स तथा 30,000 से ज्यादा रिटेलर्स शामिल हैं।

अब तक सीमेंट, नमक, चीनी, पुट्टी और कैल्साइट जैसी पैकेजिंग से निकलने वाले जटिल फ्लेक्सिबल प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए बेहद कठिन माना जाता था और यह अधिकतर अनऑर्गनाइज़्ड सेक्टर तक सीमित था। लेकिन तीन वर्षों से अधिक की गहन रिसर्च और तकनीकी नवाचार के बाद एव्रो ने एक स्वदेशी सिस्टम विकसित किया है, जो इस तरह के प्लास्टिक कचरे को बड़े पैमाने पर अपसाइकिल करने में सक्षम है। इससे देश में हर साल उत्पन्न होने वाले लगभग 10 लाख मीट्रिक टन (1 MTPA) जटिल प्लास्टिक कचरे के जिम्मेदार निपटान का रास्ता खुला है।

इस प्लांट में तैयार रीसाइकल्ड ग्रैन्यूल्स का उपयोग प्लास्टिक फर्नीचर, एयर कूलर, वॉशिंग मशीन, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और अन्य औद्योगिक व उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण में किया जा रहा है। ये ग्रैन्यूल्स वर्जिन प्लास्टिक की तुलना में 40 प्रतिशत तक कम लागत  में उपलब्ध हैं और टिकाऊ व तकनीकी मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।

भारत सरकार के एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) नियमों के तहत रिगिड प्लास्टिक में कम से कम 30 प्रतिशत रीसाइकल्ड प्लास्टिक के उपयोग की अनिवार्यता के चलते ब्रांड ओनर्स के सामने उच्च गुणवत्ता वाले रीसाइकल्ड कच्चे माल की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में एव्रो इंडिया फ्लेक्सिबल प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और संगठित खिलाड़ी के रूप में उभरी है।

एव्रो इंडिया लिमिटेड की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एव्रो रीसाइक्लिंग लिमिटेड की यह ग्रीनफील्ड रीसाइक्लिंग फैसिलिटी वर्तमान में 500 मीट्रिक टन प्रति माह (MTPM) की प्रोसेसिंग क्षमता के साथ संचालित हो रही है, जिसे FY 2025-26 की चौथी तिमाही तक 1,000 MTPM तक बढ़ाने की योजना है।

इस परियोजना में अब तक 25 करोड़ रुपए का पूंजीगत निवेश किया जा चुका है, जबकि FY 2027 तक अतिरिक्त 30 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है। दीर्घकालिक रणनीति के तहत कंपनी देशभर में नई ग्रीनफील्ड रीसाइक्लिंग यूनिट्स के माध्यम से पैन-इंडिया विस्तार की तैयारी भी कर रही है।

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