Wednesday, February 4, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की, युवाओं के कौशल विकास पर दिया जोर

देहरादून,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग विभागों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र लोग समय पर इनका पूरा लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और आवंटित बजट से अपेक्षित आउटकम प्राप्त हो।

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिक प्रोत्साहन देने, लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने और किसानों से संबंधित देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहद उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए हनी मिशन के तहत शहद उत्पादन को बढ़ावा देने और इसके ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बागवानी और मौन पालन में बेहतर कार्य कर रहे राज्यों के अध्ययन के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम भेजने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जिनमें 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से जुड़े हैं। इसके अलावा इस वर्ष 25 अन्य उत्पादों को जीआई टैग के लिए चिन्हित किया जाएगा। 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट पॉलिसी के तहत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी और चीना को शामिल किया गया है। योजना के पहले चरण में 5 हजार से अधिक गांवों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को लाभ मिला है। मिलेट फसलों की खरीद के लिए 216 क्रय केंद्र खोले गए हैं और इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट की खरीद की जा चुकी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के मुकाबले 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। पर्यटन विभाग की दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत चार वर्षों में 780 होम स्टे स्थापित किए गए हैं, जबकि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत एक हजार से अधिक लोगों को लाभ मिला है। वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत राज्य में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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