दिल्ली-एनसीआर में एयर पॉल्यूशन लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। जहरीली हवा का सीधा असर लोगों की सेहत पर देखने को मिल रहा है।
डॉ. नावेद सिद्दीकी (BUMS) के अनुसार, प्रदूषित हवा से फेफड़ों और दिल को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक है। कई डॉक्टरों ने सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को कुछ महीनों के लिए दिल्ली-एनसीआर छोड़ने तक की सलाह दी है।

डॉ. नावेद सिद्दीकी का कहना है कि इस समय दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी कई इलाकों में सीवियर कैटेगरी में बनी हुई है। दूर तक देखने पर हर तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है और पिछले कई हफ्तों से हवा बेहद जहरीली बनी हुई है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर निकलने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लेते रहें।
डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज सांस लेने में तकलीफ, जुकाम, आंखों में जलन, आंखों से पानी आना, लालिमा और गले में खराश जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं।
उनका कहना है कि दिल्ली का प्रदूषण बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुका है और अगर आज इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह लोगों की जिंदगी के लिए घातक साबित हो सकता है।


