नई दिल्ली के भारत मंडपम में जापान स्थापना दिवस के अवसर पर जापान स्थित Innovation Through Energy (ITE) ने IceBattery® के सहयोग से रेल एवं भूमि शीत श्रृंखला (कोल्ड चेन) प्रौद्योगिकी का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल भारत की कोल्ड चेन अवसंरचना को ऊर्जा-कुशल, कम-कार्बन और जलवायु-अनुकूल समाधानों के माध्यम से सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति-निर्माता, लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उपस्थित वक्ताओं ने कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और कम-उत्सर्जन वाले परिवहन तंत्र को बढ़ावा देने में उन्नत कोल्ड चेन तकनीकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत ITE जापान और IceBattery इंडिया के स्वागत संबोधन से हुई। IceBattery इंडिया के सीईओ दीपक कालिया और ITE जापान के निदेशक तातसुओ होसोई ने भारत में उन्नत एवं टिकाऊ कोल्ड चेन समाधानों के विस्तार के लिए साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों की संयुक्त उपस्थिति ने भारत-जापान तकनीकी सहयोग को नई मजबूती दी।
मुख्य भाषण Pankaj Garg, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, और वरिष्ठ सलाहकार तदामासा इशिदा द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के सतत विकास लक्ष्यों और लॉजिस्टिक्स आधुनिकीकरण की दिशा में ऊर्जा-कुशल, स्केलेबल और नवाचार-आधारित समाधान समय की आवश्यकता हैं।
Container Corporation of India (कॉनकोर) के सीएमडी संजय स्वरूप ने रेल-आधारित माल परिवहन को सुदृढ़ करने और ऊर्जा खपत में कमी लाने के लिए IceBattery® तकनीक को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान Innovation Through Energy और Kalyani Cast Tech के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ के तहत IceBattery®-सक्षम कोल्ड चेन कंटेनरों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय विनिर्माण और आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
इस अवसर पर Japan External Trade Organization (जेट्रो), रेल मंत्रालय, कृषि एवं बागवानी मंत्रालय तथा Solar Energy Corporation of India के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
IceBattery® प्रणाली बर्फ-आधारित फेज चेंज मटेरियल तकनीक पर आधारित उन्नत थर्मल एनर्जी स्टोरेज समाधान है। यह प्रणाली निरंतर डीजल या बिजली आधारित कूलिंग पर निर्भरता कम करती है और जीरो-डीजल ऑपरेशन को सक्षम बनाती है। इससे ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है।
यह तकनीक 40 फीट रेल कंटेनर, 32 फीट और 20 फीट ट्रक तथा पोर्टेबल कोल्ड स्टोरेज इकाइयों में तैनात की जा सकती है। परिवहन में देरी या बिजली बाधित होने की स्थिति में भी तापमान स्थिर बनाए रखने की इसकी क्षमता आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता को मजबूत करती है।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि IceBattery® रेल एवं भूमि शीत श्रृंखला प्रौद्योगिकी फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, खाद्य सुरक्षा में सुधार लाने और कम-उत्सर्जन आधारित लॉजिस्टिक्स प्रणाली के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह पहल भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।


