नई दिल्ली: भारत मंडपम में IFSEC इंडिया 2025 का 18वां संस्करण आज भव्य रूप से शुरू हुआ। इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी देश के तेजी से बढ़ते सुरक्षा और सर्विलांस सेक्टर का सबसे बड़ा मंच बन गई है। सरकारी एजेंसियों, वरिष्ठ पुलिस–रक्षा अधिकारियों, कॉरपोरेट सुरक्षा प्रमुखों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने इसमें बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के एमडी योगेश मुद्रास के मुताबिक भारत का इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा बाजार अब 1 लाख करोड़ रुपये के अवसर के रूप में उभर चुका है और 14–18% वार्षिक वृद्धि इसे दुनिया के टॉप ग्रोथ मार्केट्स में खड़ा कर रही है। स्मार्ट सिटी, मेट्रो विस्तार और एआई आधारित कमांड सेंटरों की बढ़ती जरूरतों ने इस बार का आयोजन अब तक का सबसे बड़ा और भविष्य-उन्मुख बना दिया।
इस संस्करण में 150+ प्रदर्शक, 350 से अधिक ब्रांड और लगभग 20,000 पेशेवर शामिल हो रहे हैं। एआई निगरानी, उन्नत वीडियो एनालिटिक्स, IoT इंफ्रास्ट्रक्चर, फेसियल–बिहेवियरल रिकॉग्निशन, इंटीग्रेटेड कमांड प्लेटफॉर्म और फायर एवं लाइफ-सेफ्टी जैसी तकनीकें आकर्षण का केंद्र बनीं। इस वर्ष का थीम “Shaping Nations, Securing Futures” भारत की बदलती सुरक्षा जरूरतों पर फोकस करता है।
उद्घाटन सत्र में सीपीडब्ल्यूडी के नवीन के. बंसल, आईटीएस इंडिया के अखिलेश श्रीवास्तव, डीएमआरसी के सुवाशिस चौधरी, आईएएस पद्मा जायसवाल और दिल्ली पुलिस के एसीपी दिनेश आर. गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
2030 विज़न पर बोलते हुए एनआईसीएसआई के एमडी आलोक तिवारी ने कहा कि आने वाले दशक में एआई राष्ट्रीय डिजिटल सिस्टम की रीढ़ होगा। साइबर हमलों की तीव्रता और रैंसमवेयर–सप्लाई चेन अटैक जैसे खतरों को देखते हुए क्वांटम-रेसिलिएंट सुरक्षा ढांचे की जरूरत और तेज होगी। वहीं पद्मा जायसवाल ने साइबर क्राइम को “ट्रिलियन डॉलर का खतरा” बताते हुए 2047 के आर्थिक लक्ष्य के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को जरूरी बताया।
दिल्ली पुलिस के एसीपी दिनेश गुप्ता ने कहा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट अब पूरी तरह डिजिटल हो चुका है, ऐसे में सुरक्षित एआई सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण हैं। वहीं सीपीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी अधिकारियों ने आधुनिक कैमरा नेटवर्क, ड्रोन मॉनिटरिंग और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी को भविष्य की अनिवार्यता बताया।
सीपी प्लस, प्रामा इंडिया, हिकविजन, दहुआ, हनीवेल, बॉश जैसी प्रमुख कंपनियों ने नवीनतम एआई तकनीक आधारित सुरक्षा समाधानों का प्रदर्शन किया। आयोजन में एपीएसए, एएसआईएस, सीएपीएसआई, ईएसएआई और ओएसएसी सहित कई संस्थाओं का सहयोग रहा।
पहले दिन का समापन हाई-लेवल नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जबकि शाम को आयोजित होने वाले IFSEC इंडिया अवॉर्ड्स में सुरक्षा और सर्विलांस सेक्टर के उत्कृष्ट योगदानों को सम्मानित किया जाएगा।


