लखनऊ, शनिवार: सूफी संत हज़रत हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाओं और गंगा-जमुनी तहज़ीब को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम “रंग-ए-वॉरिस” का आयोजन समाजवादी पार्टी कार्यालय, लखनऊ में बड़े ही शान-ओ-शौकत से सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन सूफी सेवा फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन सैयद हिलाल मुजीवी रज्जाकी ने किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथिअखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा—“हाजी वारिस अली शाह का पैग़ाम मजहबी एकता, इंसानियत और मोहब्बत का है। उनकी गंगा-जमुनी तहज़ीब आज के दौर में समाज को नई दिशा देने वाली है।”

इस मौके पर देशभर से आए सम्मानित सज्जादानशीन और सूफी संतों ने अपनी मौजूदगी से महफ़िल को रोशन किया। इनमें विशेष रूप से हज़रत ग़यासउद्दीन चिश्ती अजमेर शरीफ़, कारी फसीह रज्जाकी, हज़रत शोएबुल बकाई, हज़रत नजमुल हसन उस्मानी, हज़रत बरकत मियां, हज़रत अदीब निजामी, सोहेल वारसी, अरफ अशरफ, हैदर अशरफ, मौलाना इकबाल कादरी, मोहम्मद शकील नदवी, हज़रत सूजा सफावी, हसीब किदवाई, हज़रत शाद फारूखी, लरैब अलवी, अरसलान करीमी, हयात अहमद, सैयद वाजी रिजवी, शुजाउर रहमान साफवी समेत कई रूहानी हस्तियां शामिल हुईं।
कार्यक्रम में हज़रत बरकत मियां को अखिलेश यादव ने शॉल उड़ाकर सम्मानित किया।
विशेष प्रस्तुतियों में दास्तानगोई के जरिए हाजी वारिस अली शाह की ज़िंदगी और उनकी तालीमात का अदबी अंदाज़ में बयान हुआ। साथ ही, क़व्वालियों ने सूफियाना रंग बिखेरकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्वानों ने मक़ाला प्रस्तुति के माध्यम से वारिस पाक की गंगा-जमुनी तहज़ीब और उनकी खिदमतों पर गहन चर्चा की।
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के तमाम कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। साथ ही, लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए शायरों, उलेमाओं, साहित्यकारों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
विशेष उपस्थिति में पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह, माता प्रसाद पाण्डेय (नेता प्रतिपक्ष, उ0प्र0 विधानसभा), राजेन्द्र चौधरी (पूर्व कैबिनेट मंत्री), श्याम लाल पाल (प्रदेश अध्यक्ष, सपा), जासमीर अंसारी (एमएलसी), अरविन्द कुमार सिंह (पूर्व सांसद), इमरान उल्ला (एडवोकेट, इलाहाबाद हाईकोर्ट), उदयवीर सिंह (पूर्व एमएलसी), हिमांशु किस्सागो, अवलेश सिंह, विजय यादव, विकास यादव, सलामतुल्ला, डॉ. आर.सी. अग्रवाल, डॉ. भुवन तिवारी, राजकुमार भाटी, उदय राज यादव (पूर्व विधायक), पायल सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी किन्नर सभा) शामिल रहे।
“रंग-ए-वॉरिस” ने यह संदेश दिया कि हाजी वारिस अली शाह का पैग़ाम केवल मजहबी नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे का सार्वभौमिक संदेश है, जो हर दिल को जोड़ता है।


