नई दिल्ली —छत्तीसगढ़ भाजपा के क्षेत्रीय नेता अमित बघेल द्वारा भगवान झूलेलाल जी और सिंधी समाज के प्रति दिए गए आपत्तिजनक बयानों ने देशभर में सिंधी समाज को आक्रोशित कर दिया है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में देशभर की प्रमुख सिंधी सामाजिक संस्थाएं एकजुट होकर बघेल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि उन्होंने बुधवार तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि यदि भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो सिंधी समाज सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा।
पूर्व सांसद एवं सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष सुरेश केसवानी ने कहा,
> “सिंधी समाज पाकिस्तानी नहीं है, बल्कि हमने विभाजन के समय भारत में रहने का निर्णय लिया था। हमने अपना सब कुछ छोड़कर इस देश की प्रगति में सबसे अधिक योगदान दिया है। हमने कभी अपने विस्थापन का दर्द किसी सरकार से साझा नहीं किया, बल्कि जहां बसे, उसे ही अपना घर माना। लेकिन भगवान झूलेलाल जी का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सिंधु समाज, दिल्ली के महासचिव श्री नरेश बेलानी ने कहा कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के देवता** हैं। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और समरसता का संदेश दिया।
> “हमारे ईष्ट देवता का अपमान सिंधी समाज ही नहीं, बल्कि समस्त सनातन समाज का अपमान है,” उन्होंने कहा।
प्रगतिशील सिंधी समाज के अध्यक्ष श्री विजय इसरानी ने कहा,
> “सिंधी समाज ने देश को हर क्षेत्र में योगदान दिया, लेकिन कभी बदले में कुछ नहीं मांगा। इसका अर्थ यह नहीं कि कोई हमारे सम्मान के साथ खिलवाड़ करे और हम चुप रहें।”
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और संस्था प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —अशोक लालवानी (अध्यक्ष, एस.सी.आई. उत्तर भारत), मोहन आहुजा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सिंधी महापंचायत दिल्ली-एनसीआर), भारत वतवाणी (संयोजक, सिंधी प्रकोष्ठ भाजपा दिल्ली),मनोज सिंधी (अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश सिंधी युवा एकता मंच), राजिंदर सिंधी (अध्यक्ष, झूलेलाल मंदिर, नई मोती नगर),अमित लालवानी, दरवेश सिंधी, शिवाजी सिंधु, नरेंद्र मसंद, गोपाल देवनानी, जगदीश झुरानी,दीपक गुर्नानी, ललित बिजलानी,निशा वासवानी, महेश छाबरिया, प्रेमप्रकाश, हरीश खिलवानी, और अजय मुकेश सहित कई गणमान्य सदस्य शामिल थे।
सभी ने एक स्वर में मांग की कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भाजपा अध्यक्ष और पुलिस प्रमुख इस मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें, ताकि समाज में सद्भाव और आस्था की मर्यादा बनी रहे।


