नई दिल्ली। कंधे की जटिल सर्जरी को नई दिशा देने और मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में राजधानी दिल्ली में शनिवार से तीन दिवसीय दिल्ली शोल्डर आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स (DSAC) 2026 का शुभारंभ हुआ। देश-विदेश के नामचीन शोल्डर सर्जन, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और चिकित्सा पेशेवर इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए हैं। सम्मेलन में अत्याधुनिक शोल्डर रिप्लेसमेंट, पुनर्निर्माण सर्जरी, आधुनिक इम्प्लांट्स और नई सर्जिकल तकनीकों पर गहन मंथन किया जा रहा है।
इस प्रतिष्ठित आयोजन का नेतृत्व डॉ. प्रियदर्शी अमित, हेड ऑफ अपर लिम्ब सर्जरी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद* तथा डॉ. शशांक मिश्रा, सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन, सर गंगा राम हॉस्पिटल, नई दिल्ली कर रहे हैं। दोनों विशेषज्ञों ने इस मंच को केवल एक वैज्ञानिक सम्मेलन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान, अनुभव और आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है। उनका मानना है कि साक्ष्य-आधारित चिकित्सा, बेहतर प्रशिक्षण और वैश्विक सहयोग से मरीजों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के कई प्रतिष्ठित शोल्डर सर्जन अपने शोध, अनुभव और नवीनतम उपचार पद्धतियों को साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, केस आधारित चर्चाएं, पैनल डिस्कशन और इंटरैक्टिव वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जटिल मामलों के उपचार, नई सर्जिकल चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण कैडेवर वर्कशॉप है, जहां प्रतिभागियों को विशेषज्ञों की निगरानी में अत्याधुनिक शोल्डर आर्थ्रोप्लास्टी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा री-लाइव सर्जरी सत्रों के माध्यम से जटिल ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया, ऑपरेटिव निर्णय और सर्जरी की तकनीकी बारीकियों को विस्तार से समझाया जा रहा है। इससे युवा ऑर्थोपेडिक सर्जनों और प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर मिल रहा है।
सम्मेलन में आधुनिक इम्प्लांट्स, रोबोटिक और एडवांस सर्जिकल तकनीकों, मरीजों की शीघ्र रिकवरी और बेहतर क्लिनिकल परिणामों पर भी विशेष चर्चा की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार विकसित हो रही तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से शोल्डर सर्जरी के क्षेत्र में भारत की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।
- आयोजकों के अनुसार, DSAC 2026 केवल एक अकादमिक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत को उन्नत ऑर्थोपेडिक शिक्षा और शोल्डर सर्जरी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस मंच के माध्यम से भारतीय और विदेशी विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ेगा, जिससे भविष्य में मरीजों को और बेहतर, सुरक्षित तथा आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियों, विशेषज्ञों के विशेष साक्षात्कार और वैज्ञानिक सत्रों की विस्तृत कवरेज DoubleSure.health जो DSAC 2026 का आधिकारिक मीडिया पार्टनर है,के द्वारा की जा रही है।


