नई दिल्ली। ब्रह्मपुरी स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक महाअनुष्ठान का भव्य समापन हुआ। कई दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ और हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर शिवमय बना रहा।
श्री बालाजी मंदिर के संस्थापक एवं महाअनुष्ठान के संकल्पकर्ता पंडित संजय गौड़ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंगों का विधि-विधान से निर्माण कर उनका पूजन और रुद्राभिषेक किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पंडित संजय गौड़ ने कहा कि यह अनुष्ठान शिवभक्ति, सनातन परंपरा और धार्मिक एकता के प्रति आस्था का प्रतीक है।
संत-महात्माओं का मिला सान्निध्य
महाअनुष्ठान में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री राजेश्वर दास महाराज, अनंत श्री विभूषित संत शिरोमणि एवं *उत्तराखंड पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री कृष्णाचार्य महाराज, जगद्गुरु श्री प्रपन्नाचार्य महाराज और महामंडलेश्वर स्वामी श्री जलेश्वरानंद गिरि महाराज* सहित गंगोत्री धाम से आए संत-महात्माओं का सान्निध्य रहा। संतों के आशीर्वचन से आयोजन स्थल पर श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रभावी रहा।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने की शिरकत
कार्यक्रम में मंत्री मोहन बिष्ट, विधायक अजय महावर, स्थायी समिति के अध्यक्ष सत्य शर्मा, पुलिस उपायुक्त संदीप लांबा, निगम पार्षद प्रीति गुप्ता, निगम पार्षद छाया गौरव शर्मा और निगम पार्षद मनीषा आशीष पुनिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
इसके अलावा प्रकाश नैनीवाल, ठाकुर विनोद जायस, दिनेश धाम, राजकुमार जैन, चौधरी देवानंद, विनोद शर्मा, ठाकुर दुष्यंत सिंह, विशाल वर्मा, अश्वनी शर्मा, पंडित अशोक शर्मा, पंडित अभय गौड़, नवनीत रस्तोगी, ठाकुर जोगिंदर सिंह, सुरेश गर्ग, दीपक भैया, धीरज तोमर, ठाकुर किशन चंद, राजेश अग्रवाल, पारस खुल्लर, रवि वर्मा, सचिन, आनंदपाल, सोनू तोमर, पवन तोमर, विक्की तोमर, नितिन तोमर, प्रमोद शर्मा और मनीष गर्ग समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार, 11 लाख पार्थिव शिवलिंगों की आराधना का यह अनुष्ठान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सनातन परंपराओं के प्रति लोगों को जोड़ने का माध्यम बना। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में देर तक हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष गूंजते रहे।


