नई दिल्ली, Sindhi Council of India द्वारा आयोजित जापान-कोरिया कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 20 मई को इस गौरवपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्रा का समापन हुआ, जिसके बाद सभी सदस्य यादगार अनुभवों के साथ भारत लौटेंगे। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य जापान और कोरिया में भारतीय संस्कृति तथा सिंधी समाज की समृद्ध विरासत का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करना था, जिसमें काउंसिल को उल्लेखनीय सफलता मिली।
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जापान और कोरिया की संस्कृति को करीब से समझा और भारतीय परंपरा, संस्कृति तथा सिंधी समाज की पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। हालांकि इस दौरान ट्रैवल एजेंसी RTW की कथित लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और अनुबंध उल्लंघन के कारण यात्रियों को कई कठिन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ा।
काउंसिल के पदाधिकारियों के अनुसार, पूर्व निर्धारित एग्रीमेंट के तहत ट्रैवल एजेंसी को सभी यात्रियों के अलग-अलग टैक्स-पेड बिल उपलब्ध कराने थे। काउंसिल द्वारा सभी लागू टैक्स सहित पूरी राशि का भुगतान किए जाने के बावजूद एजेंसी ने अब तक वैध बिल उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसे वित्तीय नियमों और व्यावसायिक पारदर्शिता का गंभीर उल्लंघन बताया गया है।

काउंसिल के वरिष्ठ पदाधिकारी Ashok Lalwani ने आरोप लगाया कि RTW के प्रतिनिधि विनोद और कविता का व्यवहार अत्यंत अशोभनीय था। उन्होंने कहा कि एजेंसी द्वारा यात्रियों पर अनुचित दबाव बनाया गया और कथित रूप से ब्लैकमेलिंग जैसी स्थिति उत्पन्न की गई। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की “अतिथि देवो भव:” परंपरा के विपरीत बताया।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अशोक लालवानी और उनकी टीम ने सूझबूझ, धैर्य और समर्पण के साथ पूरी स्थिति को संभाला और सभी यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित की।
काउंसिल ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सहमति से RTW ट्रैवल एजेंसी और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वित्तीय अनियमितताओं, मानसिक प्रताड़ना और अनुबंध उल्लंघन के इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
यात्रा दल के दिल्ली पहुंचने पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें उन सभी सदस्यों और सहयोगियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


