नई दिल्ली, 24 मई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग की साजिश रचने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन शार्पशूटर और दो हथियार सप्लायर शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से राजधानी में होने वाली एक संभावित फायरिंग की घटना को समय रहते टाल दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने छावला इलाके में स्थित एक क्लीनिक पर फायरिंग कराकर रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। इसके लिए पंजाब के अमृतसर से शार्पशूटरों को तैयार किया गया था। आरोपियों को क्लीनिक की रेकी करने और मौका देखकर फायरिंग करने का जिम्मा सौंपा गया था।
स्पेशल सेल को इस साजिश की गोपनीय जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और मैनुअल दोनों स्तर पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। करीब एक महीने तक लगातार निगरानी, मुखबिरों से सूचना जुटाने और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
कार्रवाई के दौरान सबसे पहले अमृतसर निवासी अभिषेक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपने साथियों साहिल और हर्षदीप उर्फ पोलू के साथ फरवरी 2026 में दिल्ली आया था। तीनों ने छावला स्थित क्लीनिक की रेकी भी की थी, लेकिन उस समय क्लीनिक और आसपास के क्षेत्र में काफी भीड़ होने के कारण वे फायरिंग नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने दोबारा मौका मिलने पर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
अभिषेक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अमृतसर से साहिल और हर्षदीप उर्फ पोलू तथा हरियाणा के कैथल से करण उर्फ अंकुश और अमन को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि करण और अमन गैंग के लिए हथियार उपलब्ध कराने और उन्हें शार्पशूटरों तक पहुंचाने का काम करते थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पूछताछ में रंगदारी नेटवर्क के संचालन, गैंग के संपर्कों और उसके काम करने के तरीके से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इससे भविष्य में गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई निगरानी, तकनीकी जांच और सटीक कार्रवाई की वजह से एक गंभीर वारदात को रोका जा सका। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।


