नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026: Delhi Police की क्राइम ब्रांच ने 31 साल पुराने सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सलीम खान उर्फ सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्टिक (54 वर्ष) है, जो खुद को सोशल एक्टिविस्ट और यूट्यूबर के रूप में पेश कर रहा था
यह मामला साल 1995 का है, जब Gokulpuri इलाके में रहने वाले एक सीमेंट कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था।अगले दिन पिता को फोन कर ₹30,000 की फिरौती मांगी गई और बच्चे को मारने की धमकी दी गई।
जांच के दौरान पता चला कि सलीम खान, जो Ramjas School में मार्शल आर्ट्स ट्रेनर था, इस अपराध में शामिल है। पूछताछ में उसने पुलिस को Mustafabad के एक नाले तक ले जाकर बच्चे का शव बरामद करवाया।
1997 में कोर्ट ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई।साल 2000 में Delhi High Court से अंतरिम जमानत मिली, लेकिन वह फरार हो गया। 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा।
सलीम ने पुलिस से बचने के लिए खुद को “मृत” घोषित करा दिया और अपनी पहचान बदलकर सलीम वास्टिक रख ली।वह हरियाणा के करनाल और अंबाला में छिपता रहा और बाद में Loni में बस गया, जहां उसने महिलाओं के कपड़ों की दुकान खोल ली।
क्राइम ब्रांच की ARSC टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक यूट्यूबर पुराने हत्या केस का फरार अपराधी है।फिंगरप्रिंट और पुराने रिकॉर्ड से पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से लोनी से उसे गिरफ्तार कर लिया।
फरवरी 2026 में सलीम पर लोनी में चाकू से हमला भी हुआ था, जिसके बाद उसका इलाज Guru Teg Bahadur Hospital और Max Super Speciality Hospital में चला।
आरोपी की प्रोफाइल
जन्म: 1972, शामली (उत्तर प्रदेश)
पेशा: पहले मार्शल आर्ट्स ट्रेनर, बाद में कपड़ों का व्यापारी
सोशल मीडिया: खुद को सोशल एक्टिविस्ट और यूट्यूबर बताता था
परिवार: पत्नी, एक बेटा और एक बेटी
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को Tihar Jail भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी दिखाती है कि “कानून के हाथ लंबे होते हैं” और कोई भी अपराधी कितने भी साल छिपे, आखिरकार पकड़ा ही जाता है।


