नई दिल्ली। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ब्रह्मपुरी स्थित श्री हनुमान मंदिर (रजि.), ई-3, गली नंबर-6 में 29 जुलाई को भव्य श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूरे मंदिर को आकर्षक दूधिया रोशनी से सजाया जा रहा है, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मंदिर समिति के प्रधान विजय शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे श्री बालाजी महाराज की कृपा से होगा। इस दौरान परमपूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन पंडित रामगोपाल शर्मा महाराज (अलवर वाले), पंडित ताराचंद महाराज (पालम वाले) तथा पंडित मुरारीलाल सारस्वत जी गुरु महाराज (रबड़ी वाले) का श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद मंदिर के परमपूज्य महंत ब्रह्मलीन सतीश भाई जी को आसन पर विराजमान कर गुरु परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
आयोजन के दौरान गुरु पूजन, संगीतमय गुरुमंत्र जाप, सामूहिक आरती, प्रसाद वितरण और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति का कहना है कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण पर्व है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष यह आयोजन किया जाता है, जिसमें दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मंदिर परिसर की सजावट, श्रद्धालुओं के स्वागत, प्रसाद वितरण, भंडारे और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर समिति के सदस्य पिछले कई दिनों से लगातार तैयारियों में जुटे हैं। आयोजन को सफल बनाने में लोमेश त्यागी, उमाकांत, पंकज गुप्ता, सत्यनारायण बंसल, यशपाल, परशुराम रावत, हेमंत अवस्थी (चिंटू), हिमांशु सेन, जितेंद्र उपाध्याय, पदम भार्गव (मामा), मोहित गुप्ता और तुषार राजपूत सहित अन्य कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होकर गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करें, धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लें तथा प्रसाद एवं विशाल भंडारे का लाभ उठाएं। स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को गुरु पूर्णिमा के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है, जहां श्रद्धा, सेवा और गुरु परंपरा का संगम देखने को मिलेगा।


