नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन भारत टेक्स-2026 में मंगलवार को खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने भारत मंडपम के हॉल-10 में स्थापित ‘खादी इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन किया। उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित आधुनिक खादी उत्पादों, डिजाइन आधारित नवाचारों और पारंपरिक शिल्प के आधुनिक स्वरूप का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी अब केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, सतत विकास और ग्रामीण आजीविका का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।
केवीआईसी द्वारा स्थापित इस पवेलियन में देश के विभिन्न राज्यों से आए खादी संस्थानों ने खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों, आधुनिक परिधानों, होम लिनेन, होम डेकोर, स्वदेशी रेशों पर आधारित नवाचारों और पारंपरिक खादी उपकरणों का प्रदर्शन किया। इस दौरान मनोज गोयल ने विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके अनुभव और नवाचारों की जानकारी भी ली।
अध्यक्ष ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की घोरानाश सिल्क खादी ग्रामोद्योग समिति द्वारा प्रदर्शित ‘मूला’ जामदानी साड़ी एवं परिधान संग्रह का अवलोकन किया। उन्होंने पारंपरिक जामदानी बुनाई को समकालीन डिजाइन के साथ प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार भारतीय खादी और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज यह ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि खादी करोड़ों कारीगरों और बुनकरों की आजीविका के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ‘खादी इंडिया पवेलियन’ इस बात का उदाहरण है कि अनुसंधान, डिजाइन और नवाचार के जरिए ‘नए भारत की नई खादी’ को नई पीढ़ी की पसंद और वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। अब खादी केवल परिधानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक लाइफस्टाइल उत्पादों और फैशन उद्योग में भी अपनी अलग पहचान बना रही है।
पवेलियन की थीम ‘Khadi Reimagined: Tradition for Contemporary Living’ रखी गई है, जिसके तहत आधुनिक गृह सज्जा, स्वदेशी रेशों पर आधारित उत्पाद, पारंपरिक खादी उपकरण तथा ‘Naye Bharat ki Nayi Khadi – Khadi for Fashion, Khadi for Nation, Khadi for Transformation’ जैसी अवधारणाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह खादी के आधुनिक और वैश्विक स्वरूप को दर्शाता है।
केवीआईसी अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है, जबकि इस क्षेत्र से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य भी हासिल करेगा।
गौरतलब है कि भारत टेक्स-2026 का आयोजन 14 से 17 जुलाई तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के हजारों खरीदार, उद्योग प्रतिनिधि, डिजाइनर, उद्यमी और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। इस आयोजन में खादी इंडिया पवेलियन भारतीय खादी की विरासत, नवाचार और डिजाइन उत्कृष्टता को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर रहा है।


