Friday, October 9, 2026
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मिलेनियम मैम्स ग्लोबल ने दिल्ली चैप्टर का किया शुभारंभ, महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने का संदेश

नई दिल्ली। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें अपने पैसे से जुड़े फैसले स्वयं लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मिलेनियम मैम्स ग्लोबल ने दिल्ली चैप्टर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संगठन की संस्थापक बिष्णु धनुका ने महिलाओं से वित्तीय साक्षरता को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने और बचत, निवेश तथा वित्तीय प्रबंधन की बुनियादी जानकारी हासिल करने की अपील की।

कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के साथ जयपुर, कोलकाता और दुबई से आई महिला उद्यमियों, पेशेवरों और निवेशकों ने भाग लिया। इस दौरान महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, वित्तीय जागरूकता, निवेश के अवसरों और कारोबारी नेटवर्किंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिष्णु धनुका ने कहा कि महिलाओं को अपने पैसे के प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं लेने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई परिवारों में वित्तीय फैसले आमतौर पर पति या परिवार के दूसरे सदस्य लेते हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी आय, बचत, निवेश और आर्थिक भविष्य से जुड़े मामलों को समझें।

धनुका ने कहा, “अगर आप पूरे दिन मेहनत करती हैं और अपने पैसे के बारे में नहीं जानतीं, तो यह स्थिति बदलनी चाहिए। वित्तीय साक्षरता आपकी किसी पर निर्भरता कम करती है। आपको अपने पैसे को समझना और उसे संभालना आना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त होने का अर्थ केवल कमाई करना नहीं है, बल्कि अपनी कमाई का सही इस्तेमाल करना, भविष्य के लिए बचत करना और सोच-समझकर निवेश के फैसले लेना भी है।

बिष्णु धनुका ने कामकाजी महिलाओं के लिए वित्तीय जागरूकता को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, जो महिलाएं अपनी आय का एक हिस्सा बचत और निवेश में लगाती हैं, उन्हें वित्तीय बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़े बुनियादी पहलुओं की जानकारी भी होनी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल किसी वित्तीय उत्पाद के बारे में जान लेना पर्याप्त नहीं है। महिलाओं को यह भी समझना चाहिए कि महंगाई, ब्याज दरों में बदलाव, बाजार की परिस्थितियां और आर्थिक विकास उनके निवेश तथा भविष्य की वित्तीय योजनाओं को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं।

कार्यक्रम का प्रमुख संदेश यही रहा कि वित्तीय जानकारी महिलाओं को अधिक आत्मविश्वास के साथ आर्थिक फैसले लेने में मदद कर सकती है। इससे वे अपने वर्तमान खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने के साथ भविष्य की जरूरतों के लिए भी योजना बना सकती हैं।

मिलेनियम मैम्स ग्लोबल विभिन्न शहरों और देशों में महिलाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। संगठन का उद्देश्य महिला उद्यमियों, पेशेवरों और निवेशकों के बीच संपर्क बढ़ाना, अनुभव साझा करना तथा नए कारोबारी और वित्तीय अवसरों को प्रोत्साहित करना है।

बिष्णु धनुका ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में संगठन की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले समय में हैदराबाद, औरंगाबाद और मुंबई सहित अन्य शहरों में भी संगठन की गतिविधियों का विस्तार करने की योजना है।

संगठन की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी के तहत दुबई, सिंगापुर और हांगकांग सहित विभिन्न स्थानों पर भी महिलाओं के नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय एवं कारोबारी जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बिष्णु धनुका ने बताया कि हाल ही में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन से मुलाकात की थी। इस दौरान भारत की अर्थव्यवस्था, आर्थिक परिदृश्य और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

यह पहल महिलाओं को वित्तीय विषयों की जानकारी देने के साथ देश की आर्थिक परिस्थितियों को समझने और व्यापक आर्थिक विमर्श से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

मिलेनियम मैम्स ग्लोबल की शुरुआत वर्ष 1993 में बिष्णु धनुका और संजय भुवानिया ने की थी। यह महिला उद्यमियों, पेशेवरों और निवेशकों का एक नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के बीच वित्तीय समझ विकसित करना, कारोबारी संपर्क बढ़ाना, ज्ञान साझा करना और नए अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करना है।

संगठन के अनुसार, इसकी मौजूदगी 22 देशों के 100 से अधिक शहरों में है और इसके 15,000 से अधिक सदस्य हैं।

दिल्ली चैप्टर का शुभारंभ महिलाओं को आर्थिक रूप से जागरूक बनाने और उन्हें अपने वित्तीय भविष्य के प्रति अधिक जिम्मेदार तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में संगठन का एक नया कदम है।

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