Friday, October 9, 2026
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस सख्त, सुरक्षा कारणों से लागू किए गए अस्थायी प्रतिबंध

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध लागू करने के पीछे की वजह स्पष्ट की है।दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन, आईपीएस ने कहा कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य किसी के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को रोकना नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ संवैधानिक पदाधिकारियों के महत्वपूर्ण कार्यालयों और प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों का केंद्र भी है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों, कर्मचारियों, कारोबारियों और आम यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का ध्यान रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित तौर पर एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन यह जमावड़ा लगभग एक महीने तक जारी रहा। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,000 से अधिक लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने दावा किया कि इस दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं और स्थिति बिगड़ने पर झड़पें भी हुईं, जिनमें निर्दोष छात्र भी घायल हुए।

पुलिस का कहना है कि पिछले अनुभवों को देखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना आवश्यक है। प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और वहां से गुजरने वाले आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल कुछ व्यक्तियों द्वारा महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया है। पुलिस के अनुसार, इन मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों सहित ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था आवश्यक है।

प्रेस विज्ञप्ति में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की क्षमता को लेकर भी चिंता जताई है। पुलिस के मुताबिक, यह क्षेत्र अपेक्षाकृत छोटा है और यहां एक समय में लगभग 1,000 लोगों को सुरक्षित रूप से समायोजित किया जा सकता है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदर्शन स्थल पर लोगों की संख्या निर्धारित करते समय उपलब्ध जगह, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी होता है। क्षमता से अधिक भीड़ होने पर सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन इसके आयोजन के लिए निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन भी आवश्यक है। आयोजकों को प्रदर्शन के स्थान, अवधि और संभावित भीड़ की संख्या के संबंध में पहले से जानकारी और आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी चाहिए।

पुलिस के अनुसार, पूर्व अनुमति मिलने से यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं, भीड़ नियंत्रण और लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए उचित व्यवस्था की जा सकती है। इससे प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अवसर मिलता है और आम नागरिकों, दुकानदारों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों को होने वाली असुविधा भी कम की जा सकती है।

प्रेस विज्ञप्ति में दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में CJP द्वारा प्रस्तावित जमावड़े के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। पुलिस ने यह भी उल्लेख किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिक प्रदर्शनों से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों का पालन करने के महत्व पर जोर दिया है।

पुलिस ने आयोजकों से अपील की है कि वे प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को लागू कानूनी प्रावधानों और बिना अनुमति जमावड़े में शामिल होने पर कानून के तहत होने वाली संभावित कार्रवाई के बारे में जानकारी दें।

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू प्रतिबंध अस्थायी और एहतियाती प्रकृति के हैं। इनका उद्देश्य लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करना, अत्यधिक भीड़ को रोकना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शनकारियों, स्थानीय निवासियों, दुकानदारों तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली जैसे महानगर में आम जनजीवन, कारोबार और आवश्यक गतिविधियों को बिना अनावश्यक बाधा के जारी रखना भी जरूरी है। इसलिए प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एवं जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन, आईपीएस ने अपने बयान में कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं और चिंताएं उठाने का अवसर मिलना चाहिए। पुलिस की जिम्मेदारी ऐसी परिस्थितियां तैयार करना है, जिनमें लोग सुरक्षित तरीके से अपनी बात रख सकें और शहर का सामान्य कामकाज भी प्रभावित न हो।

दिल्ली पुलिस ने दोहराया कि सुरक्षा संबंधी ये कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

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