एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता सुजीत कलकल और अमन सहरावत समेत छह भारतीय पहलवानों का भव्य सम्मान; छह फ्रेंचाइजी के 86 दिग्गज पहलवान दिखाएंगे दमखम
नई दिल्ली,भारतीय कुश्ती प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। देश की प्रमुख कुश्ती प्रतियोगिता प्रो रेसलिंग लीग (PWL) सीजन 6 एक बार फिर नए जोश, रोमांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के साथ वापसी करने जा रही है। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित भव्य लॉन्च समारोह में लीग के छठे सीजन की आधिकारिक घोषणा की गई। यह प्रतियोगिता 9 से 26 जनवरी 2027 तक इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित केडी जाधव कुश्ती एरिना में आयोजित होगी। लीग का आयोजन भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के तत्वावधान में किया जाएगा।
इस अवसर पर एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय पहलवानों का विशेष सम्मान किया गया। समारोह में स्वर्ण पदक विजेता सुजीत कलकल और अमन सहरावत के साथ अंतिम पंघाल, नितेश सिवाच, दीपक पूनिया और सुनील कुमार को सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने समारोह को खास बना दिया और भारतीय कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय ताकत को रेखांकित किया।
प्रो रेसलिंग लीग के आगामी सीजन में छह टीमें प्रतिष्ठित खिताब के लिए एक-दूसरे को चुनौती देंगी। इनमें टाइगर्स ऑफ मुंबई डांगल्स, हरियाणा थंडर्स, दिल्ली डांगल वॉरियर्स, महाराष्ट्र केसरी, पंजाब रॉयल्स और यूपी डोमिनेटर्स शामिल हैं।

इस बार प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग के कुल 86 विश्वस्तरीय पहलवान हिस्सा लेंगे। इनमें 34 ओलंपियन तथा कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता शामिल होंगे। जापान की ओलंपिक चैंपियन युई सुसाकी की मौजूदगी भी प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण होगी। भारतीय पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय सितारों के सामने अपनी प्रतिभा और दमखम दिखाने का शानदार अवसर मिलेगा।
लीग में मुकाबले नौ ओलंपिक भार वर्गों में आयोजित किए जाएंगे। पुरुष वर्ग में 57, 65, 74, 86 और 125 किलोग्राम भार वर्ग होंगे, जबकि महिला वर्ग में 53, 57, 62 और 76 किलोग्राम भार वर्ग में पहलवान मुकाबला करेंगे।
दर्शकों के रोमांच को बढ़ाने के लिए प्रत्येक मुकाबले में तीन-तीन मिनट के दो राउंड होंगे। इसके साथ ही ‘पावर मिनट’ नियम भी लागू रहेगा, जिसके तहत मुकाबले के अंतिम 60 सेकंड में हासिल किए गए अंक दोगुने गिने जाएंगे। इस व्यवस्था से मुकाबलों के आखिरी क्षणों में रणनीति, आक्रामकता और रोमांच और बढ़ने की उम्मीद है।
इस बार दिल्ली को सीजन 6 की मेजबानी सौंपना लीग की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत हर सीजन को अलग-अलग फ्रेंचाइजी शहर में आयोजित किया जाएगा। कुश्ती की समृद्ध परंपरा और खेल के प्रति गहरे लगाव के लिए पहचानी जाने वाली राजधानी में लीग की वापसी से स्थानीय प्रशंसकों में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में कुश्ती को लोकप्रिय बनाना और अधिक से अधिक दर्शकों को विश्वस्तरीय मुकाबलों से जोड़ना है।
प्रो रेसलिंग लीग के चेयरमैन दयान फारूकी ने कहा कि कुश्ती भारतीय खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और भारतीय पहलवानों ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि लीग का छठा सीजन भारतीय कुश्ती की समृद्ध विरासत का उत्सव होने के साथ-साथ खेल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि लीग के माध्यम से दुनिया के बेहतरीन पहलवानों को भारतीय प्रशंसकों के सामने लाने और देश के विभिन्न शहरों में कुश्ती के प्रति उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली में विश्वस्तरीय पहलवानों का स्वागत करना आयोजकों के लिए गर्व की बात है।
प्रो रेसलिंग लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिल गुप्ता ने कहा कि सीजन 6 को खिलाड़ियों और दर्शकों की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है। दिल्ली की कुश्ती से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत और खेल के प्रति लोगों का जुनून इसे इस आयोजन के लिए विशेष स्थान बनाता है।
उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स के पदक विजेताओं का सम्मान उन खिलाड़ियों के समर्पण और मेहनत को सलाम है, जिन्होंने भारतीय कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। जनवरी में होने वाली प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देगी और युवा पीढ़ी को इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
ओलंपिक पदक विजेता और एशियन गेम्स 2026 के स्वर्ण पदक विजेता अमन सहरावत ने सम्मान मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजनों में पदक जीतना वर्षों के संघर्ष, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिणाम है। दिल्ली में कुश्ती समुदाय और प्रशंसकों के बीच सम्मानित होना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने प्रो रेसलिंग लीग की वापसी को भी भारतीय कुश्ती के लिए उत्साहजनक बताया।
वहीं, एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता सुजीत कलकल ने कहा कि प्रो रेसलिंग लीग ने उनके करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दुनिया के बेहतरीन पहलवानों के साथ मुकाबला करने से उन्हें अनुभव, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि लीग युवा पहलवानों को बड़े सपने देखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर देती रहेगी
वर्ष 2015 में शुरू हुई प्रो रेसलिंग लीग अब तक पांच सीजन पूरे कर चुकी है। पिछले सीजन के फाइनल में हरियाणा थंडर्स ने दिल्ली डांगल वॉरियर्स को कड़े मुकाबले में 5-4 से हराकर खिताब जीता था। अब छठे सीजन में सभी छह फ्रेंचाइजी एक बार फिर खिताब के लिए जोर आजमाइश करेंगी।
आयोजकों के अनुसार, लीग के आधिकारिक प्रसारण भागीदारों और खिलाड़ियों की नीलामी की तारीख एवं स्थान की घोषणा आने वाले सप्ताहों में की जाएगी। जनवरी 2027 में होने वाली यह प्रतियोगिता भारतीय कुश्ती को नया मंच देने, अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को एक साथ लाने और खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक मुकाबले पेश करने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।


