विश्वभर का सिंधी समाज मनाएगा चालीहा महोत्सव, दिल्ली में रोजाना होंगे धार्मिक आयोजन; सिंधु भवन और ‘हिन्द में सिंध’ की अवधारणा पर भी उठी आवाज
नई दिल्ली। सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान श्री झूलेलाल जी की आराधना का पावन पर्व ‘चालीहा महोत्सव’ इस वर्ष भी पूरे विश्व में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। राजधानी दिल्ली में सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत) की ओर से 16 जुलाई 2026 से 25 अगस्त 2026 तक पुराना राजेंद्र नगर स्थित सिंधु भवन के झूलेलाल मंदिर में 40 दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन शाम 7 बजे से 8 बजे तक भगवान झूलेलाल जी की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, आरती और सत्संग का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इस संबंध में आयोजित एक प्रेसवार्ता में सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत) के अध्यक्ष जगदीश नागरानी और महासचिव नरेश कुमार बेलानी ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के आराध्य ही नहीं, बल्कि मानवता, भाईचारे, समानता और धार्मिक सौहार्द के प्रतीक हैं। उनके संदेश आज भी समाज को एकता और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि चालीहा महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सिंधी संस्कृति, परंपरा और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
उन्होंने बताया कि चालीहा के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान झूलेलाल के दर्शन कर उनकी आराधना करेंगे। पूरे आयोजन में धार्मिक अनुशासन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाज की सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालुओं के दिल्ली पहुंचने की संभावना है।
महासचिव नरेश कुमार बेलानी ने बताया कि 16 जुलाई को होने वाले उद्घाटन समारोह में क्षेत्र की सांसद श्रीमती बांसुरी स्वराज सहित भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद, विधायक, नगर निगम पार्षद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे सिंधी समाज की आस्था का पर्व है, इसलिए सभी वर्गों और सभी विचारधाराओं के लोगों का स्वागत किया जाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान अयोध्या के राम मंदिर को कथित रूप से 200 किलो चांदी दान देने और उससे जुड़े विवाद पर भी सिंधु समाज ने अपना पक्ष स्पष्ट किया।
महासचिव नरेश कुमार बेलानी तथा ‘सिंधी संवाद’ के प्रधान संपादक श्रीकांत भाटिया ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि पूरे सिंधी समाज ने राम मंदिर को 200 किलो चांदी दान की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दान सिंधी समाज की एक संस्था के कुछ सदस्यों द्वारा किया गया था, न कि पूरे सिंधी समाज की ओर से।
उन्होंने कहा कि चांदी की कथित चोरी को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, वे भी पूरे सिंधी समाज द्वारा नहीं बल्कि संबंधित संस्था द्वारा लगाए गए हैं। सिंधु समाज दिल्ली का विश्वास है कि केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
लाल साईं मंदिर, लाजपत नगर के राजेश जेठानी ने कहा कि सिंधी समाज लंबे समय से अपनी सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सिंधु समाज दिल्ली जल्द ही देशभर की प्रमुख सिंधी संस्थाओं से अपील करेगा कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक साझा मंच पर आएं और ‘हिन्द में सिंध’ का एक व्यवहारिक प्रारूप तैयार करें। इसके बाद इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि सिंधी समाज की भावनाओं और अपेक्षाओं को उचित रूप से प्रस्तुत किया जा सके।
इस अवसर पर गुरुग्राम सिंधी पंचायत के विनोद कुमार पहिलजानी ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी में स्थायी ‘सिंधु भवन’ उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसा भवन बनने से देश और विदेश से आने वाले सिंधी समाज के लोगों को एक साझा सांस्कृतिक केंद्र मिलेगा, जहां समाज अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, भाषा, साहित्य और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रदर्शित कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि सिंधु भवन केवल एक भवन नहीं बल्कि सिंधी समाज की पहचान, सम्मान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होगा। इससे नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
प्रेसवार्ता में सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत) के उपाध्यक्ष हरीश ककवानी,किशन झुरानी, कोषाध्यक्ष कमल टेकचंदानी, अतिरिक्त महासचिव अशोक दीपचंदानी,कमल पी. रामचंदानी, सूरज प्रकाश तेवानी, डॉ. जगदीश भाटिया,कार्यकारिणी सदस्य मनोहर लाल रंगवानी सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रेसवार्ता के अंत में सिंधु समाज दिल्ली ने राजधानी सहित देशभर के श्रद्धालुओं से भगवान श्री झूलेलाल के चालीहा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर समाज की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का आह्वान किया।


