मुख्य निर्णायक संत त्रिलोचन दर्शन दास महाराज की अध्यक्षता वाली पुरस्कार समिति को सौंपे गए निर्णय, बारिश के बावजूद रामलीला आयोजकों और कलाकारों का उत्साह बरकरार
नई दिल्ली,दिल्ली-एनसीआर की रामलीलाओं की धार्मिक, सांस्कृतिक और मंचीय प्रस्तुतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 के दूसरे चरण के पहले दिन वरिष्ठ पत्रकारों की टीम ने 18 जिलों में आयोजित 24 रामलीलाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान रामलीलाओं में प्रस्तुत धार्मिक प्रसंगों, कलाकारों के अभिनय, मंचन शैली और आयोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के बाद वरिष्ठ पत्रकारों ने अपना निर्णय मुख्य निर्णायक संत त्रिलोचन दर्शन दास महाराज की अध्यक्षता वाली पुरस्कार समिति को सौंप दिया।
मीडिया प्रेस क्लब की ओर से आयोजित इस पहल का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने, भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं को संरक्षित करने और रामलीला के मंचन से जुड़े कलाकारों, आयोजकों तथा पर्दे के पीछे काम करने वाले कर्मियों के योगदान को सम्मान देना है।
रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 के दूसरे चरण के पहले दिन वरिष्ठ पत्रकारों की टीम ने विभिन्न स्थानों पर आयोजित रामलीलाओं का निरीक्षण किया। इनमें श्री नवयुवक रामलीला कमेटी, कश्मीरी गेट (पंजीकृत), राम श्याम धार्मिक मित्र मंडल और श्री राम धार्मिक रामलीला कमेटी, त्रि नगर सहित कुल 24 रामलीलाएं शामिल रहीं।

निरीक्षण के दौरान रामलीलाओं में प्रस्तुत धार्मिक प्रसंगों, कलाकारों के अभिनय, मंचीय प्रस्तुति और आयोजन की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया गया। वरिष्ठ पत्रकारों ने विभिन्न रामलीला समितियों के प्रयासों का जायजा लेने के बाद अपने निर्णय पुरस्कार समिति को सौंप दिए।
पुरस्कार समिति वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा प्रस्तुत निर्णयों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी। इस आयोजन के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर की रामलीला परंपरा को व्यापक पहचान दिलाने और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक लालवानी ने बताया कि पिछली रात हुई बारिश के कारण रामलीला आयोजकों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रतिकूल मौसम के चलते कुछ स्थानों पर रामलीला का मंचन निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ। हालांकि, मौसम की चुनौतियों के बावजूद आयोजन समितियों, कलाकारों और व्यवस्थापकों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रमों को सफल बनाने का प्रयास किया।
अशोक लालवानी ने कहा कि रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। रामलीला के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादा, त्याग और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश समाज तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम में भी कलाकारों और आयोजकों का समर्पण इस परंपरा के प्रति उनकी आस्था और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामलीला के सफल आयोजन में मंच पर अभिनय करने वाले कलाकारों के साथ-साथ पर्दे के पीछे काम करने वाले कार्यकर्ताओं, तकनीकी सहयोगियों और आयोजन समितियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
रामलीला के दूसरे दिन अधिकांश आयोजनों में भगवान श्रीराम के जन्म और ताड़का वध जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक प्रसंगों का सुंदर मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से इन प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया।
भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग जहां श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का प्रतीक बना, वहीं ताड़का वध के मंचन के माध्यम से धर्म की स्थापना और अधर्म पर विजय का संदेश प्रस्तुत किया गया। इन धार्मिक प्रसंगों ने रामलीला की पारंपरिक कथा को आगे बढ़ाते हुए दर्शकों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
आयोजन समितियों ने भी दर्शकों की सुविधा और कार्यक्रमों के व्यवस्थित संचालन के लिए प्रयास किए। वरिष्ठ पत्रकारों की टीम ने इन प्रस्तुतियों का निरीक्षण कर विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया।
मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक लालवानी ने कहा कि रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 का उद्देश्य रामलीला के आयोजकों और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों को सम्मान देना है।
उन्होंने कहा कि रामलीला की परंपरा सदियों से समाज को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और सदाचार की प्रेरणा देती रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को अभिव्यक्ति मिलती है, बल्कि विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का अवसर भी मिलता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रामलीला आयोजनों को सम्मानित करने की इस पहल से कलाकारों, आयोजन समितियों और सहयोगियों का उत्साह बढ़ेगा तथा आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर की रामलीला परंपरा और अधिक सशक्त होगी।
रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 के दूसरे चरण के पहले दिन 18 जिलों की 24 रामलीलाओं का निरीक्षण पूरा होने के साथ ही पुरस्कार प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। अब पुरस्कार समिति वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा सौंपे गए निर्णयों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। इस पहल से रामलीला आयोजनों को प्रोत्साहन मिलने और भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं को संरक्षित करने में जुटे लोगों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।


