● 25,000 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, ‘माय होम इंडिया’ के 20 साल पूरे
● दिल्ली के मुख्यमंत्री, मिज़ोरम के राज्यपाल और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
● महान कलाकार जुबिन गर्ग को दी गई श्रद्धांजलि
नई दिल्ली,दिल्ली के टॉकाटोरा इंडोर स्टेडियम में दो दिवसीय नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल – NESt. Fest 2025 आज भव्य समापन के साथ समाप्त हुआ। ‘माय होम इंडिया’ द्वारा आयोजित इस आठवें संस्करण ने 25,000 से अधिक छात्रों, नीति-निर्माताओं, कलाकारों और नेताओं को एक मंच पर एकजुट किया। इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व का रहा क्योंकि यह ‘माय होम इंडिया’ की 20वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाता है।

इस बार का थीम था – “From Culture to Climate: The Youth Mandate”। फेस्टिवल में आठों उत्तर-पूर्वी राज्यों, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रितो रिबा, शंकराज कोंवर, एंजेलिया मारवेन, लिलैक एंड जैक्स, केएल पामेई और टेटे सपाम जैसे कलाकारों ने संगीत संध्या को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के अरुणोदय सेशन में छात्रों ने उद्यमिता, स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण पर अपने व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए।
फेस्टिवल में शामिल प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मिज़ोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह (से.नि.), दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रो. अनिल सुकलाल, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, यूपी के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री गिरीश यादव, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव व ‘माय होम इंडिया’ के संस्थापक सुनील देवधर और लोकसभा सांसद बंसुरी स्वराज शामिल रहे।

पहले दिन जुबिन गर्ग को दी गई विशेष श्रद्धांजलि पहले दिन का मुख्य आकर्षण महान गायक जुबिन गर्ग को समर्पित विशेष श्रद्धांजलि रही। उनके संगीत ने न केवल उत्तर-पूर्व की पहचान गढ़ी है बल्कि पूरे देश के युवा कलाकारों को प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा –“NESt. Fest दोस्ती, संस्कृति और युवा ऊर्जा का त्योहार है। दिल्ली सरकार उत्तर-पूर्व के छात्रों की शिक्षा, अवसरों और सुरक्षा के लिए हमेशा साथ खड़ी रहेगी। अगले संस्करण से इस फेस्टिवल को दिल्ली सरकार के साथ और बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।”
संस्थापक सुनील देवधर ने कहा –“हमारे युवा अब बदलाव का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्व अब भारत की विकास गाथा का अहम हिस्सा बन चुका है। NESt. Fest इस नए भारत का प्रतीक है, जहां विविधता में एकता के साथ सभी गर्व और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह (से.नि.) ने कहा –“इन दो दिनों में युवाओं की सांस्कृतिक पहचान और उनकी सामाजिक जिम्मेदारी दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला। इससे स्पष्ट है कि भारत का युवा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
माय होम इंडिया-2005 से कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठन माय होम इंडिया उत्तर-पूर्व और वंचित क्षेत्रों के छात्रों व समुदायों के साथ एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देता है। इसके प्रमुख अभियानों में ‘सपनों से अपनों तक'(3,800 से अधिक बच्चों को उनके परिवार से मिलाना), ‘राष्ट्रीयता पर मंथन’ और नॉर्थ-ईस्ट हेल्पलाइन शामिल हैं, जिससे अब तक 5 लाख से अधिक लोगों को मदद मिली है।


