नई दिल्ली: कृषि को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन से जोड़ने के उद्देश्य से राजधानी के ताज पैलेस होटल में एग्री बिज़नेस समिट 2025 का आयोजन किया गया। PHDCCI द्वारा आयोजित इस समिट में देशभर के केंद्रीय मंत्री, न्यायविद, कृषि विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री, सहकारी संस्थाओं के दिग्गज और नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया। फोकस रहा—कृषि को तकनीक आधारित, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने पर।

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब समय है कि खेती को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तकनीक-सक्षम बनाया जाए। IFFCO के चेयरमैन दिलीप भाई संघानी ने सहकारी संस्थाओं की भूमिका, गुणवत्तापूर्ण इनपुट्स और किसान प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। वहीं NAFED के निदेशक अशोक ठाकुर ने खरीद, भंडारण और बाजार व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
समिट में न्यायपालिका की भागीदारी भी खास रही। दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कृषि-नवाचार और किसानों के अधिकारों की रक्षा में कानूनी सुधारों की जरूरत बताई। न्यायमूर्ति डॉ. सुधीर कुमार जैन ने कृषि-इनपुट की गुणवत्ता, अनुबंधों के क्रियान्वयन और विवाद-निवारण तंत्र को और मजबूत करने पर बल दिया।
वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा लीगल सेल के उपाध्यक्ष अखिल मित्तल ने कृषि कानूनों के लागू होने, अनुपालन निगरानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका—जैसे सप्लाई-चेन प्रबंधन, विवाद समाधान और शासन को पारदर्शी बनाने—पर विस्तार से बात रखी। भारत विकास परिषद के सुरेश जैन और ग्रामीण-सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े जगदीश मित्तल ने ग्रामीण विकास और सामाजिक भागीदारी को कृषि सुधारों का महत्वपूर्ण आधार बताया।
अर्थशास्त्री डॉ. राम गोपाल अग्रवाल और कृषि विशेषज्ञ रमेश चंद ने बढ़ती उत्पादकता, शोध आधारित खेती और आर्थिक स्थिरता पर अपने सुझाव दिए। वरिष्ठ नेता श्याम जाजू और सतीश उपाध्याय ने कहा कि सहकारिता और आधुनिक तकनीक गाँव-स्तर तक पहुँचने पर कृषि का असली परिवर्तन होगा।
AI और कानूनी ढाँचे पर विशेष सत्र
समिट में कृषि-कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और AI की भूमिका केंद्र में रही। विशेषज्ञों ने बीज, उर्वरक और कीटनाशक की गुणवत्ता नियंत्रण, फसल निगरानी, मौसम पूर्वानुमान, डिजिटल मार्केटिंग, ई-पेमेंट, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और ट्रेसिबिलिटी जैसे मुद्दों पर ठोस चर्चा की। साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच नीति समन्वय को और प्रभावी बनाने की जरूरत भी रेखांकित हुई।


