नई दिल्ली, 6 मार्च।
दिल्ली की सियासत में “फांसी घर” विवाद को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 11 साल सत्ता में रहने के बावजूद अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों को विधानसभा नियमों की बुनियादी जानकारी तक नहीं है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही नियमों के अनुसार गोपनीय होती है और इसे सार्वजनिक या प्रसारित नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके बावजूद आम आदमी पार्टी के नेता लगातार इसकी लाइव प्रसारण की मांग करते रहे।
सचदेवा ने आरोप लगाया कि पिछले एक सप्ताह से केजरीवाल और उनके साथी समिति की कार्यवाही को प्रसारित करने की मांग कर रहे थे और यह जताने की कोशिश कर रहे थे कि पुराना सचिवालय परिसर में “फांसी घर” मौजूद है। लेकिन जब विशेषाधिकार समिति की बैठक हुई तो केजरीवाल कोई भी ठोस तथ्य या तर्क पेश नहीं कर पाए, जिससे इस दावे को प्रमाणित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बिना किसी प्रमाण के पुराना सचिवालय के एक कमरे को “फांसी घर” घोषित कर दिया था।
भाजपा अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की बयानबाज़ी पर भी कड़ा ऐतराज़ जताया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, वह उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
सचदेवा ने कहा कि भाजपा सरकार पर “बंदर के हाथ में उस्तरा” जैसे गरिमाहीन शब्दों का प्रयोग करना न सिर्फ असंसदीय है बल्कि यह बताता है कि विपक्ष मुद्दों के अभाव में केवल बयानबाज़ी कर रहा है।
उन्होंने दोहराया कि आज आम आदमी पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रिया उनकी राजनीतिक हताशा का साफ संकेत है और विधानसभा की मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी


