नई दिल्ली,भारत और ताइवान के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में सहयोग तेजी से मजबूत हो रहा है। इसी कड़ी में Convergence India Expo 2026 के दौरान ताइवान एक्सीलेंस पवेलियन का शुभारंभ किया गया। यह एक्सपो 23 से 25 मार्च तक Bharat Mandapam में आयोजित हो रहा है।
ताइवान एक्सीलेंस, जो ताइवान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय द्वारा समर्थित और TAITRA द्वारा संचालित है, इस पवेलियन के माध्यम से सेमीकंडक्टर, AI और AIoT में ताइवान की वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। “AI टेक आइलैंड” थीम पर आधारित यह पवेलियन उन्नत हार्डवेयर और स्मार्ट सॉफ्टवेयर के एकीकृत समाधान पेश कर रहा है।
भारत के Digital India और Smart Cities Mission जैसे प्रमुख अभियानों को गति देने में ताइवान की भूमिका अहम मानी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और इंजीनियरिंग सेवाओं में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
इस पवेलियन में 17 अग्रणी ताइवानी कंपनियों के 40 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों—एज AI और इंडस्ट्रियल कंप्यूटर, अगली पीढ़ी के डेटा स्टोरेज समाधान और स्मार्ट कम्युनिकेशन व मोबिलिटी—में विभाजित किया गया है।
उद्घाटन के अवसर पर ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र (TECC) की कार्यकारी निदेशक एस्टेला चेन ने बताया कि भारत और ताइवान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 12.5 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश और तकनीकी सहयोग आने वाले समय में और मजबूत होगा।
इवेंट के दौरान प्रमुख कंपनियों ने अपने अत्याधुनिक समाधान पेश किए। इसमें Phison ने AI स्टोरेज तकनीक, ADLINK Technology और IBASE Technology ने इंडस्ट्रियल AI प्लेटफॉर्म, Lanner Electronics ने नेटवर्क सुरक्षा समाधान और Wincomm Corporation ने हेल्थकेयर व इंडस्ट्रियल AI कंप्यूटिंग समाधान प्रस्तुत किए।
इस आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला, जहां “Taiwan AI Tech Island” थीम पर फ्यूचरिस्टिक रैप और डांस प्रस्तुति ने दर्शकों को आकर्षित किया। इस मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री Taapsee Pannu विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
पूरे एक्सपो के दौरान पवेलियन में लाइव डेमो, गाइडेड टूर और इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे भारतीय और ताइवानी कंपनियों के बीच नए व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान, अपनी मजबूत सप्लाई चेन, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और सरकारी समर्थन के चलते, वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और भारत के डिजिटल भविष्य को सशक्त बनाने में अहम भागीदार बन सकता है।


