नई दिल्ली,भारत के सेकंड हैंड कार बाजार के अग्रणी फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म ने ऑटोमोबाइल डीलर्स के शीर्ष संगठन [FADA (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस) के साथ मिलकर ‘FADA व्यापार दिल्ली 2026’ के आयोजन में साझेदारी की है। यह आयोजन ऑटोमोटिव रिटेल इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा, जहां देशभर से ऑटोमोबाइल डीलर्स, ओईएम प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ एक साथ जुटे।
कार्यक्रम का उद्घाटन रेखा गुप्ता ने किया। इस दौरान उन्होंने ऑटोमोबाइल डीलर समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली की आर्थिक प्रगति और मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में डीलर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस अवसर पर ऑटोमोटिव रिटेल सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलावों और नई कारों की बिक्री में एक्सचेंज आधारित ट्रांजैक्शन की बढ़ती अहमियत पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि मूल्य निर्धारण, लिक्विडेशन और डीलर ऑपरेशंस के लिए अधिक पारदर्शी और डेटा-आधारित व्यवस्था की आवश्यकता है।
स्पिनी ने मंच पर अपनी विशेषज्ञता साझा करते हुए बताया कि कैसे व्यवस्थित प्रक्रियाओं और डेटा-ड्रिवन मॉडल के जरिए सेकंड हैंड कार एक्सचेंज सिस्टम को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 50 हजार से अधिक कारों के सफल लेनदेन किए जा चुके हैं। इससे डीलर्स को बेहतर प्राइसिंग, तेज प्रक्रिया और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में मदद मिली है।
स्पिनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Gurveen Bedi ने कहा,
“भारत का ऑटोमोटिव इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और नई कारों की बिक्री में एक्सचेंज ट्रांजैक्शन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। FADA व्यापार दिल्ली 2026 में हमारी भागीदारी इस क्षेत्र में पारदर्शिता, बेहतर संरचना और दक्षता लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
वहीं, C S Vigneshwar ने कहा,
“दिल्ली के ऑटोमोबाइल डीलर्स हर दिन शहर की रफ्तार को बनाए रखने में अहम योगदान दे रहे हैं। वे एक-एक वाहन के माध्यम से परिवारों और लोगों की जिंदगी को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार, उद्योग संगठनों और स्पिनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच इस तरह की साझेदारी ऑटोमोटिव रिटेल सेक्टर को अधिक संगठित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।


