नई दिल्ली। भारतीय सेना द्वारा साहसिक खेलों को बढ़ावा देने और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से “सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0” का आयोजन 16 से 20 अप्रैल 2026 के बीच गढ़वाल हिमालय में किया जाएगा। 113 किलोमीटर लंबा यह धीरज-आधारित आयोजन बद्री–केदार ट्रेल मार्ग पर चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में आयोजित होगा, जिसमें पंच-केदार के तीन पवित्र धाम—कल्पेश्वर, रुद्रनाथ और तुंगनाथ—शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य साहसिक खेलों के माध्यम से विरासत संरक्षण, सतत पर्यटन और स्थानीय सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अनुरूप सीमावर्ती और दूरस्थ गांवों में पर्यटन एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रतियोगिता में कुल 300 प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें 200 नागरिक (पुरुष एवं महिलाएं) और 100 सेवा कर्मी शामिल हैं। विभिन्न आयु वर्गों के लिए 14 लाख रुपये से अधिक की आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है, जो प्रतिभागियों को इस चुनौतीपूर्ण आयोजन में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।
यह प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम दिवस में हेलंग से कलगोट तक 36 किलोमीटर, द्वितीय दिवस में कलगोट से मंडल तक 39 किलोमीटर तथा तृतीय दिवस में मंडल से उखीमठ तक 38 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आयोजित यह आयोजन प्रतिभागियों के साहस, धैर्य और शारीरिक क्षमता की परीक्षा लेगा।
“सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0” भारतीय सेना की राष्ट्र निर्माण, सैन्य-नागरिक सहयोग और सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। यह आयोजन न केवल साहसिक खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।


