दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्ता
देहरादून/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के साथ उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस अवसर पर राज्य में चल रही विभिन्न अवसंरचनात्मक परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कॉरिडोर रोजगार और पर्यटन के लिए “ग्रीन कॉरिडोर” साबित होगा। इसके पूर्ण होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी महज़ ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।
नितिन गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं पर कार्य जारी है। सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क का उद्घाटन जून में प्रस्तावित है, जबकि 1650 करोड़ रुपये की लागत से पांवटा साहिब–देहरादून फोरलेन मार्ग अगले माह शुरू हो जाएगा। इसके अतिरिक्त हरिद्वार ग्रीनफील्ड बाईपास, ऋषिकेश बाईपास, रुद्रपुर और काशीपुर फोरलेन बाईपास सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जा रही हैं।
चारधाम सड़क परियोजना का उल्लेख करते हुए गडकरी ने बताया कि 12 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 825 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में से 640 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही टनकपुर–पिथौरागढ़–लिपुलेख मार्ग, सोनप्रयाग–केदारनाथ और गोविंदघाट–हेमकुंड साहिब रोपवे जैसी परियोजनाएं भी तीर्थाटन और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
यह कॉरिडोर राज्य के किसानों और उद्यमियों के लिए भी वरदान साबित होगा। हर्षिल के सेब, जोशीमठ और चकराता की राजमा, पुरोला के लाल चावल तथा रुद्रप्रयाग के बुरांश जूस जैसे स्थानीय उत्पाद अब कम समय और लागत में बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण तथा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक और तीरथ सिंह रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यटन, कृषि, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करते हुए पलायन की समस्या को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र और सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।


