*कई महीनों की मेहनत को दस दिनों के मंचन में उतारते हैं कलाकार, हनुमान जी के लंका दहन ने मोहा दर्शकों का मन*
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना खादर क्षेत्र में आयोजित श्री रघुनंदन रामलीला कमेटी की रामलीला इन दिनों दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। निर्देशक मुकेश गुप्ता के निर्देशन में कलाकारों की शानदार प्रस्तुति दर्शकों को देर रात तक मैदान में बैठने के लिए मजबूर कर रही है। रामलीला का उत्साह ऐसा है कि रात एक बजे तक दर्शक मैदान में बैठकर भगवान श्रीराम की लीलाओं का आनंद लेते नजर आते हैं।
रामलीला के सफल मंचन के पीछे निर्देशक मुकेश गुप्ता और पूरी कलाकार टीम की कई महीनों की मेहनत रहती है। मुकेश गुप्ता का कहना है कि रामलीला के दस दिनों के मंचन में कलाकारों को कई महीनों की तैयारी, अभ्यास और मेहनत को मंच पर प्रस्तुत करना होता है। हर कलाकार अपने किरदार को बेहतर ढंग से निभाने के लिए लगातार अभ्यास करता है। संवाद, अभिनय, भाव-भंगिमा और मंच पर तालमेल के जरिए रामायण के प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया जाता है।

मुकेश गुप्ता के निर्देशन में रामलीला का मंचन वर्षों से किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में कलाकार अपने-अपने पात्रों को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ निभाते हैं। यही वजह है कि मंच पर प्रस्तुत होने वाले प्रसंग दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं और रामलीला के प्रति लोगों का उत्साह बना रहता है।

**हनुमान जी के लंका दहन ने बांधा समा**

रामलीला में पिछले दिन हनुमान जी द्वारा लंका दहन का प्रसंग प्रमुख आकर्षण रहा। हनुमान जी की भूमिका निभा रहे लक्की गुप्ता ने अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा। लंका दहन के दृश्य को देखने के लिए दर्शकों में खास उत्साह दिखाई दिया। कलाकारों की प्रस्तुति और मंचन ने पूरे वातावरण को राममय बना दिया।

राम की भूमिका में करण, लक्ष्मण की भूमिका में तरुण और रावण की भूमिका में कृष्णमन अपने अभिनय से दर्शकों के सामने रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रस्तुत कर रहे हैं। सभी कलाकार अपने किरदारों के अनुरूप संवाद और अभिनय के जरिए कथा को आगे बढ़ाते हैं।
निर्देशन के साथ कलाकारों की मेहनत भी अहम
मुकेश गुप्ता के अनुसार, रामलीला केवल मंच पर अभिनय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए पात्रों की तैयारी, संवादों का अभ्यास, दृश्यों की योजना और पूरी टीम के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होता है। कई महीनों की मेहनत को सीमित दिनों में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है।
श्री रघुनंदन रामलीला कमेटी का मंचन दर्शाता है कि निर्देशक के अनुभव, कलाकारों के अभ्यास और पूरी टीम के सामूहिक प्रयास से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है। मुकेश गुप्ता के निर्देशन में कलाकारों की प्रस्तुतियां इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। देर रात तक दर्शकों की मौजूदगी रामलीला के प्रति उनके जुड़ाव और कलाकारों की मेहनत को मिल रहे प्रतिसाद को दर्शाती है।


