केन्या के चार्ल्स मटाटा ने 58 मिनट 52 सेकंड में दौड़ पूरी कर तोड़ा कोर्स रिकॉर्ड, इथियोपिया की वुडिनेश अलेमु केनेनी ने महिला एलीट रेस का खिताब जीता
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली में रविवार की सुबह खेल, उत्साह, फिटनेस और सामुदायिक एकजुटता के नाम रही। सूर्योदय से पहले ही दिल्ली की सड़कों पर हजारों धावकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। मौका था प्रतिष्ठित वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन (VDHM) 2026 के 21वें संस्करण का, जिसमें 41 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लेकर इसे एक यादगार आयोजन बना दिया। इस वर्ष की मैराथन में 10 हजार से अधिक महिलाओं की भागीदारी ने भी फिटनेस और खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को प्रदर्शित किया।
प्रोकैम इंटरनेशनल द्वारा आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश-विदेश के एलीट धावकों के साथ-साथ आम नागरिकों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग प्रतिभागियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फिटनेस, स्वास्थ्य, सामाजिक समावेश और सामुदायिक भागीदारी का संदेश देना भी रहा।
मैराथन के 21वें संस्करण ने राजधानी के खेल कैलेंडर में अपनी मजबूत पहचान को एक बार फिर स्थापित किया। पिछले 21 वर्षों में यह आयोजन दिल्ली के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल हो चुका है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों को दौड़ने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 की पुरुषों की अंतरराष्ट्रीय एलीट रेस में केन्या के 29 वर्षीय धावक चार्ल्स मटाटा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। उन्होंने 58 मिनट 52 सेकंड में रेस पूरी की और पिछले कोर्स रिकॉर्ड को एक सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ दिया।
मटाटा ने पूरी दौड़ के दौरान जबरदस्त गति और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। उनकी औसत रफ्तार लगभग 2 मिनट 47 सेकंड प्रति किलोमीटर रही। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के स्तर और रोमांच को और बढ़ा दिया।
केन्या के ही सैमवेल न्यामाई मेलू ने 59 मिनट 24 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि स्टैनली वाइथाका म्बुरू 59 मिनट 33 सेकंड में दौड़ पूरी करके तीसरे स्थान पर रहे। इस प्रकार पुरुषों की अंतरराष्ट्रीय एलीट रेस में केन्याई धावकों ने तीनों शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया।चार्ल्स मटाटा की जीत और नया कोर्स रिकॉर्ड इस वर्ष की प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहे।

महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय एलीट रेस में इथियोपिया की वुडिनेश अलेमु केनेनी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 1 घंटा 6 मिनट 35 सेकंड में रेस पूरी करके खिताब अपने नाम किया।
केन्या की सेलाह जेप्लेटिंग बुसिएनेई ने 1 घंटा 7 मिनट 1 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, केन्या की ही सिंथिया चेलांगट चेपक्वोनी 1 घंटा 7 मिनट 32 सेकंड में दौड़ पूरी करके तीसरे स्थान पर रहीं।
महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इथियोपिया और केन्या की धाविकाओं के बीच शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। दोनों देशों की खिलाड़ियों ने अपनी गति, तकनीक और सहनशक्ति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
भारतीय धावकों के बीच भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पुरुषों की भारतीय एलीट रेस में शैलेश कुशवाहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1 घंटा 5 मिनट 5 सेकंड में दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया।
गौरव माथुर ने 1 घंटा 5 मिनट 11 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, हेमंत सिंह 1 घंटा 5 मिनट 37 सेकंड में रेस पूरी करके तीसरे स्थान पर रहे।
भारतीय धावकों के बीच समय का अंतर काफी कम रहा, जिससे मुकाबले की प्रतिस्पर्धात्मकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय लंबी दूरी की दौड़ में प्रतिभा और क्षमता को प्रदर्शित किया।
महिलाओं की भारतीय एलीट रेस में अंकिता ने 1 घंटा 12 मिनट 46 सेकंड में दौड़ पूरी करके पहला स्थान हासिल किया।
सोनिया ने 1 घंटा 14 मिनट 56 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि भागीरथी 1 घंटा 15 मिनट 51 सेकंड में रेस पूरी करके तीसरे स्थान पर रहीं।
भारतीय महिला धावकों की भागीदारी और उनके प्रदर्शन ने इस आयोजन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। इस वर्ष मैराथन में 10 हजार से अधिक महिलाओं की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि फिटनेस और खेलों के प्रति महिलाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आयोजन में शामिल होकर ग्रेट दिल्ली रन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन ने राजधानी के माहौल को जीवंत बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 41 हजार से अधिक लोग आयोजन में भाग ले रहे हैं, जिनमें 10 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि इस दौड़ में किसी समुदाय या आयु वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं बुजुर्ग महिलाओं, युवा लड़कियों और अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं को दौड़ में हिस्सा लेते देखा। दिव्यांगजन भी इसमें शामिल हुए और सभी ने पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, खेल और दौड़ अब केवल शारीरिक गतिविधियां नहीं रह गए हैं, बल्कि जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे आयोजन लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करते हैं और देश-दुनिया में भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस तरह के आयोजन का होना गर्व की बात है, क्योंकि यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सामुदायिक उत्सव है, जिसमें देश-विदेश के लोग एक साथ भाग लेते हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में लोगों की व्यापक भागीदारी की सराहना की। उन्होंने फिट इंडिया आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसका उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस के प्रति उत्साह पैदा करना और इसे जन आंदोलन बनाना था।
उन्होंने कहा कि आज फिटनेस एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन जैसे आयोजन हर वर्ष हजारों लोगों को एक मंच पर लाते हैं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
रिजिजू ने कहा कि खेल भावना को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लें, फिट रहें और जीवन में सक्रिय बने रहें। उनके अनुसार, खेलों से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
इस संस्करण में दो बार की ओलंपिक चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय आयोजन एंबेसडर शॉने मिलर-उइबो की उपस्थिति भी खास आकर्षण रही।
उन्होंने दर्शक दीर्घा से अंतरराष्ट्रीय एलीट धावकों के साथ-साथ शौकिया प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उनकी मौजूदगी ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रेरणादायक माहौल प्रदान किया।
प्रतियोगिता में विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के साथ हजारों आम धावकों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि खेलों में उत्कृष्टता के साथ-साथ भागीदारी और व्यक्तिगत प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं।
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन और वेदांता लिमिटेड की गैर-कार्यकारी निदेशक प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि इस वर्ष 41 हजार से अधिक धावकों की भागीदारी ने खेल उत्कृष्टता, व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास की ताकत को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करने वाले एलीट खिलाड़ियों से लेकर पहली बार दौड़ में शामिल होने वाले प्रतिभागियों तक, सभी ने यह दिखाया कि खेल लोगों को स्वयं और दूसरों के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने बताया कि इस वर्ष ‘रन फॉर जीरो हंगर’ अभियान के तहत सामूहिक प्रयासों से पांच मिलियन भोजन का लक्ष्य हासिल किया गया।
उन्होंने कहा कि अनिल अग्रवाल फाउंडेशन का मानना है कि खेल केवल चैंपियन तैयार करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं।
उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हर धावक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और फिनिश लाइन तक पहुंचना एक बड़ी सामूहिक सफलता का हिस्सा है। यह प्रयास बेहतर पोषण वाले भारत के लक्ष्य की दिशा में भी योगदान देता है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक विभिन्न आयु वर्गों और समुदायों के लोगों की भागीदारी रही।
आयोजन में चैंपियंस विद डिसएबिलिटी रन, वरिष्ठ नागरिक दौड़ और ग्रेट दिल्ली रन जैसे वर्गों के माध्यम से लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार भाग लेने का अवसर मिला।
दिव्यांग प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी से दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का संदेश दिया, जबकि वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। महिलाओं और युवा प्रतिभागियों की बड़ी संख्या ने भी इस आयोजन को व्यापक जनभागीदारी वाला उत्सव बना दिया।
इन विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि दौड़ केवल पदक जीतने या रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है। यह स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने का भी माध्यम है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन पिछले 21 वर्षों में राजधानी के प्रमुख खेल आयोजनों में अपनी जगह बना चुकी है। हर वर्ष हजारों धावकों की भागीदारी इस आयोजन की लोकप्रियता और लोगों के बीच फिटनेस के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
इस वर्ष जहां अंतरराष्ट्रीय एलीट धावकों ने शानदार प्रदर्शन किया और पुरुषों की रेस में नया कोर्स रिकॉर्ड बना, वहीं भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपने वर्गों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, आम नागरिकों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के संदेशों ने भी फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 का 21वां संस्करण खेल उत्कृष्टता, फिटनेस, समावेशिता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर सामने आया। दिल्ली की सड़कों पर हजारों धावकों की भागीदारी ने एक बार फिर साबित किया कि खेल लोगों को जोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं।प्रकाशन से पहले ध्यान दें: यह समाचार आपके उपलब्ध कराए गए प्रेस नोट पर आधारित है। समाचार को प्रकाशित करने से पहले खिलाड़ियों के नाम, समय और आधिकारिक पदों की पुष्टि आयोजन के आधिकारिक रिकॉर्ड से कर लेना उचित रहेगा।


