Thursday, June 25, 2026
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“रात में बना चोर, सुबह बना गवाह: कर्मचारी की चालाकी पुलिस ने ऐसे पकड़ी”

नई दिल्ली, 25 जून। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने करोल बाग स्थित एक मोबाइल थोक व्यापारी की दुकान में हुई करीब 90 लाख रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात का महज कुछ घंटों में खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 84 लाख रुपये नकद, चोरी किए गए मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किया है।

 

घटना 24 जून को करोल बाग के बीडनपुरा स्थित एक मोबाइल होलसेल शॉप में सामने आई थी। दुकान मालिक जब सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का सामान बिखरा हुआ मिला। जांच में पता चला कि 23-24 जून की रात अज्ञात बदमाश दुकान से करीब 90 लाख रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और सीसीटीवी का डीवीआर चोरी कर ले गए थे।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए करोल बाग थाना पुलिस, क्राइम टीम, एफएसएल और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम को जांच में लगाया गया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को शक हुआ कि चोरी में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ है जिसे दुकान की पूरी जानकारी थी।

 

जांच के दौरान पुलिस की नजर दुकान के कर्मचारी रवि उर्फ महिपाल (24) पर गई, जो दुकान बंद करने और चाबियां संभालने की जिम्मेदारी निभाता था। पुलिस ने जब गहराई से जांच की तो पता चला कि रवि ने अपने तीन साथियों अंश, मनीष और दीपांशु के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।

 

डुप्लीकेट चाबी से दिया वारदात को अंजाम

 

पूछताछ में खुलासा हुआ कि रवि ने दो दिन पहले ही अपने साथियों को दुकान की मूल चाबी उपलब्ध कराई थी, जिससे उसकी डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई। 23-24 जून की रात अंश और मनीष मास्क पहनकर दुकान पहुंचे और डुप्लीकेट चाबी की मदद से बिना ताला तोड़े अंदर घुस गए। आरोपियों ने लाखों रुपये की नकदी, मोबाइल फोन और सीसीटीवी डीवीआर चोरी कर लिया और फरार हो गए।

 

वारदात के बाद शक से बचने के लिए रवि अगले दिन अन्य कर्मचारियों के साथ दुकान पर मौजूद रहा और खुद को बेगुनाह बताने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस जांच में उसकी पूरी भूमिका उजागर हो गई।

 

मंगोलपुरी में दबिश, लाखों की बरामदगी

 

करोल बाग थाना और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने मंगोलपुरी में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अंश, मनीष और दीपांशु को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में साजिश के मास्टरमाइंड रवि को भी दबोच लिया गया।

 

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 84 लाख रुपये नकद, चोरी किए गए मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया। बरामद नकदी को अंश के घर के पास उसके रिश्तेदार के खाली मकान में छिपाकर रखा गया था।

 

कुछ ही घंटों में सुलझा हाई-वैल्यू केस

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही चोरी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया है। शेष रकम और अन्य सामान की बरामदगी के लिए प्रयास जारी हैं। साथ ही आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

 

पुलिस का कहना है कि यह मामला करोल बाग थाना और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसके चलते करोड़ों की चोरी की गुत्थी कुछ ही घंटों में सुलझा ली गई।

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