नई दिल्ली। महबूब-ए-इलाही हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया रहमतुल्लाहि अलैह के 812वें गुस्ल-ए-शरीफ़ और विलादत-ए-मुबारक के पुरनूर मौके पर दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया में अकीदतमंदों की बड़ी संख्या में आमद हुई। इस अवसर पर पत्रकार शाहज़ाद अहमद ने दरगाह शरीफ़ पर हाज़िरी देकर फूल पेश किए और मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली और आपसी मोहब्बत के लिए विशेष दुआ की।
शाहज़ाद अहमद ने हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया रहमतुल्लाहि अलैह की बारगाह में अपनी अकीदत पेश करते हुए कहा कि बुज़ुर्गों की दरगाहें हमेशा इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और अमन का पैगाम देती रही हैं। उन्होंने देश और दुनिया में शांति, तरक्की और खुशहाली के साथ-साथ सभी लोगों के लिए सलामती की दुआ की।
इस मौके पर पत्रकार शहजाद अहमद के साथ हसनैन खान,अफसर खान, जुनेद, तबिश खान और समीर भी मौजूद रहे। सभी ने दरगाह शरीफ़ पर हाज़िरी दी और हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया रहमतुल्लाहि अलैह की बारगाह में अपनी अकीदत का इज़हार किया।
812वें गुस्ल-ए-शरीफ़ के अवसर पर दरगाह परिसर में रूहानी और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। अकीदतमंदों ने चादर और फूल पेश कर मुल्क में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे और इंसानियत की भलाई के लिए दुआएं कीं।
हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया रहमतुल्लाहि अलैह की शिक्षाएं आज भी लोगों को मोहब्बत, इंसानियत और सेवा का संदेश देती हैं। गुस्ल-ए-शरीफ़ के इस मुबारक मौके पर अकीदतमंदों ने इन्हीं पैगामों को आगे बढ़ाने और समाज में भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।


