Wednesday, September 23, 2026
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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह: अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन मंगलवार को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में वर्ष 2024 की फिल्मों, कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए। इस बार समारोह की खास बात यह रही कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन पहली बार दिल्ली से बाहर किया गया।

समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाना रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। केंद्र सरकार ने इससे पहले 16 सितंबर को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश पर अनंत नाग को यह सम्मान दिए जाने की घोषणा की थी। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उनके पांच दशक से अधिक लंबे योगदान और उल्लेखनीय सिनेमाई यात्रा के लिए प्रदान किया गया।

अनंत नाग ने कन्नड़ सिनेमा के साथ-साथ हिंदी और दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका करियर पांच दशक से अधिक समय तक फैला हुआ है और उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उनके अभिनय की पहचान स्वाभाविक और संयमित शैली के लिए रही है। रंगमंच से शुरुआत करने के बाद उन्होंने 1970 के दशक में फिल्मों में कदम रखा और आगे चलकर कन्नड़ सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में अपनी जगह बनाई।

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए केंद्र सरकार की घोषणा में कहा गया था कि यह सम्मान भारतीय सिनेमा के विकास और संवर्धन में अनंत नाग के उत्कृष्ट और अमूल्य योगदान तथा उनकी शानदार सिनेमाई यात्रा की मान्यता है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इस बार गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में किया गया। इससे पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह दिल्ली में आयोजित होता रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस बदलाव को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाने की दिशा में नई शुरुआत बताया है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास का क्षेत्र इस ऐतिहासिक समारोह का केंद्र बना, जहां देशभर से अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, तकनीशियन और फिल्म जगत से जुड़े अन्य कलाकार पहुंचे। समारोह में भारतीय सिनेमा की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता भी देखने को मिली।

वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया। फिल्म के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार संयुक्त रूप से ममूटी को ब्रह्मयुगम और कार्तिक आर्यन को चंदू चैंपियन के लिए प्रदान किया गया।

‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। वहीं रणदीप हुड्डा को स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का सम्मान दिया गया।

समारोह में विभिन्न श्रेणियों में देशभर की फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। ‘कल्कि 2898 एडी’ को सर्वश्रेष्ठ मनोरंजक फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि ‘कैप्टन मिलर’ को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में सम्मानित किया गया।

‘35 चिन्ना कथा काडु’ को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार रिद्धिमान बनर्जी, तपोमय देब, गीताश्री चक्रवर्ती, अरुंदेव पोथुला और अथिश एस. शेट्टी के बीच साझा किया गया।

तकनीकी और रचनात्मक श्रेणियों में भी कई चर्चित नाम सामने आए। ब्रह्मयुगम के लिए शेहनाद जलाल को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी, कल्कि 2898 एडी के लिए नितिन जिहानी चौधरी को सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन और अमरन के लिए आर. कालाीवन्नन को सर्वश्रेष्ठ संपादन का पुरस्कार मिला।

संगीत की श्रेणी में आर्टिकल 370 के लिए शाश्वत सचदेव को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार मिला। अमरन के लिए जी.वी. प्रकाश कुमार को सर्वश्रेष्ठ बैकग्राउंड म्यूजिक का सम्मान दिया गया।

मैदान के गीत ‘जाने दो’ के लिए मनोज मुंतशिर को सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक का सम्मान अभय जोधपुरकर को घरात गणपति के लिए, जबकि सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका का पुरस्कार वैकोम विजयलक्ष्मी को ARM के गीत के लिए मिला। स्त्री 2 के लिए विजय गांगुली को सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का पुरस्कार प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में देश की अलग-अलग भाषाओं के सिनेमा को भी सम्मान मिला। सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार श्रीकांत को, सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म का पुरस्कार रायन को, सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म का पुरस्कार मिथ्या को, सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म का पुरस्कार फेमिनिची फातिमा को और सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म का पुरस्कार कमिटी कुरोल्लू को मिला।

इसके अलावा असमिया, बंगाली, मराठी, ओड़िया, गरhwाली, गुजराती, मणिपुरी, कोंकणी और तुलु भाषाओं की फिल्मों को भी अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय सम्मान मिला। इससे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भारतीय सिनेमा की भाषाई और क्षेत्रीय विविधता का व्यापक प्रतिनिधित्व दिखाई दिया।

समारोह में कुल 92 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को बधाई देते हुए भारतीय सिनेमा के रचनात्मक योगदान और सामाजिक प्रभाव को रेखांकित किया।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी। सात दशकों से अधिक समय से ये पुरस्कार फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म, लेखन और तकनीकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करते रहे हैं।72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का लाइव प्रसारण डीडी नेशनल के यूट्यूब चैनल पर किया गया। इस तरह देशभर के दर्शकों को समारोह और पुरस्कार वितरण को सीधे देखने का अवसर मिला।

अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किए जाने के साथ 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह ने भारतीय सिनेमा के लंबे सफर, उसकी विविध भाषाओं और अलग-अलग पीढ़ियों की प्रतिभाओं को एक मंच पर सम्मानित किया। समारोह में एक ओर पांच दशक से अधिक के सिनेमाई योगदान को पहचान मिली, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2024 की फिल्मों और कलाकारों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

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