नई दिल्ली। वरिष्ठ इस्लामी विद्वान एवं ग्रैंड आयतुल्लाह सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी (र.) के इसाले-सवाब के लिए भारत में इस्लामी क्रांति के नेता के कार्यालय में मजलिस-ए-तरहीम का आयोजन किया गया। मजलिस में बड़ी संख्या में धार्मिक विद्वानों, उलेमा और समुदाय से जुड़े लोगों ने शिरकत की।

इस अवसर पर मरहूम आयतुल्लाह सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी (र.) की इल्मी, धार्मिक और दीनी सेवाओं को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके निधन पर गहरे दुःख का इजहार करते हुए उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत की और अल्लाह तआला से उनके बुलंद दर्जात के लिए दुआ की।
मजलिस के दौरान कुरआन-ख्वानी, फातिहा और दुआ का आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों ने मरहूम की इल्मी सेवाओं और धार्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।

मजलिस में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि सैय्यद अब्दुल मजीद हकीम इलाही साहब सहित विभिन्न धार्मिक विद्वानों, उलेमा और समुदाय के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मरहूम के लिए इसाले-सवाब किया गया तथा उनके लिए अल्लाह तआला से मगफिरत और बुलंद दर्जात की दुआ की गई।

मजलिस में वक्ताओं ने कहा कि आयतुल्लाह सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी (र.) ने अपनी पूरी जिंदगी इल्म, दीन और धार्मिक मार्गदर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं अंजाम दीं। उनकी इल्मी विरासत और धार्मिक सेवाओं को लंबे समय तक याद किया जाएगा।


