नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) टी20 के तीसरे सीजन ने दिल्ली के क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया है। लीग ने पिछले कुछ वर्षों में युवा प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मंच दिया है और कई खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता भी तैयार किया है। डीपीएल सीजन 3 में आठ पुरुष और चार महिला टीमें हिस्सा ले रही हैं, जबकि टूर्नामेंट 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
डीपीएल सीजन 3 युवा खिलाड़ियों, महिला क्रिकेट और भविष्य की योजनाओं को लेकर डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने विशेष बातचीत में कई अहम बातें साझा कीं।
दिल्ली प्रीमियर लीग टी20 सीजन 3 की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
अशोक शर्मा:मेरे हिसाब से डीपीएल सीजन 3की सबसे बड़ी खासियत इसका लगातार बढ़ता स्तर और खिलाड़ियों को मिलने वाला बड़ा मंच है। पिछले दो सीजन में हमने देखा है कि दिल्ली के युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार अवसर मिला है। इस बार भी अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिल रहा है।डीपीएल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यहां एक युवा खिलाड़ी बड़े और अनुभवी क्रिकेटरों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करता है, उनसे सीखता है और प्रतिस्पर्धी माहौल में खुद को साबित करता है। हमारा उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि दिल्ली क्रिकेट के लिए एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार करना भी है।
इस सीजन में पिछले साल की तुलना में क्या नए बदलाव किए गए हैं?
अशोक शर्मा:हर सीजन के बाद हमारा प्रयास रहता है कि खिलाड़ियों, टीमों और दर्शकों के अनुभव को और बेहतर बनाया जाए। सीजन 3 में भी हमने आयोजन की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और पूरे टूर्नामेंट के स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।हम चाहते हैं कि डीपीएल सिर्फ मैचों की श्रृंखला बनकर न रह जाए, बल्कि एक ऐसा प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म बने जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा मिले और वे भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए तैयार हो सकें। पिछले वर्षों की तुलना में लीग का दायरा और खिलाड़ियों की भागीदारी लगातार बढ़ी है।
इस सीजन में किन खिलाड़ियों पर विशेष नजर रहेगी?
अशोक शर्मा: डीपीएल की खूबसूरती ही यही है कि यहां सिर्फ स्थापित खिलाड़ियों पर नहीं, बल्कि नए चेहरों पर भी नजर रहती है। इस सीजन में यश ढुल, आयुष बदोनी, प्रियंश आर्य, अनुज रावत, तेजस्वी दहिया और अन्य युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।इसके अलावा अनुभवी और उच्च स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी भी लीग को मजबूत बनाते हैं। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मुझे सबसे ज्यादा उत्सुकता उन युवा खिलाड़ियों को देखने की है जो शायद अभी बड़े मंच पर ज्यादा चर्चित नहीं हैं, लेकिन डीपीएल में शानदार प्रदर्शन कर अपना नाम बना सकते हैं। डीपीएल का उद्देश्य ही ऐसे नए सितारों को सामने लाना है।
महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए डीडीसीए की क्या योजनाएं हैं?
अशोक शर्मा:महिला क्रिकेट हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। हमें खुशी है कि दिल्ली में महिला क्रिकेट के प्रति लगातार रुचि बढ़ रही है और अधिक से अधिक युवा खिलाड़ी इस खेल से जुड़ रही हैं।DDCA ने महिला क्रिकेट के लिए प्रतियोगिताओं और अवसरों का दायरा बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। 2026 की महिला टी20 लीग में 60 टीमों और 700 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस बढ़ते दायरे को दर्शाती है। साथ ही DPL के महिला वर्ग के जरिए खिलाड़ियों को बड़े मंच और अधिक पहचान का अवसर मिल रहा है।हमारा प्रयास रहेगा कि जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें बेहतर प्रतिस्पर्धा, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
इस बार दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए क्या नई सुविधाएं दी गई हैं?
अशोक शर्मा:आज क्रिकेट सिर्फ मैदान पर होने वाला खेल नहीं है, बल्कि दर्शकों के लिए एक संपूर्ण अनुभव है। इसलिए हमारा प्रयास रहता है कि स्टेडियम में आने वाला हर दर्शक बेहतरीन क्रिकेट के साथ एक यादगार अनुभव लेकर जाए।हम आयोजन की व्यवस्थाओं, दर्शकों की सुविधा, मैच प्रस्तुति और पूरे स्टेडियम अनुभव को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। DPL के प्रति दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी हमारे लिए प्रेरणा है कि हर सीजन को पिछले सीजन से बेहतर बनाया जाए।
क्या भविष्य में DPL का विस्तार और बड़े स्तर पर करने की कोई योजना है?
अशोक शर्मा:बिल्कुल, भविष्य को लेकर हमारी सोच काफी सकारात्मक है। DPL ने बहुत कम समय में अपनी एक अलग पहचान बनाई है और हमारा लक्ष्य इसे लगातार मजबूत करना है।हालांकि विस्तार हमेशा योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए। हमारा फोकस सिर्फ टीमों या मैचों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि प्रतियोगिता की गुणवत्ता, खिलाड़ियों के विकास और लीग की प्रोफेशनल संरचना को मजबूत करने पर भी है। भविष्य में DPL को और बड़े स्तर पर ले जाने की संभावनाओं पर निश्चित रूप से काम किया जाएगा।
DPL में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे क्या अवसर मिलेंगे?
अशोक शर्मा:DPL प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता दिखाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं, क्रिकेट विशेषज्ञों और विभिन्न स्तरों की टीमों की नजर रहती है।दिल्ली क्रिकेट के टैलेंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम में DPL एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे दिल्ली की विभिन्न टीमों, घरेलू क्रिकेट और अन्य बड़े अवसरों के दरवाजे खुल सकते हैं। यही वजह है कि हम इस लीग को सिर्फ एक फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट के रूप में नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के विकास के प्लेटफॉर्म के तौर पर देखते हैं।
आपकी नजर में DPL को भारत की शीर्ष घरेलू टी20 लीगों में शामिल करने के लिए आगे क्या रणनीति होगी?
अशोक शर्मा:हमारी रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गुणवत्ता और निरंतरता है। किसी भी लीग को बड़ा बनाने के लिए सिर्फ बड़े नाम काफी नहीं होते। मजबूत क्रिकेटिंग संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर, बेहतर आयोजन और दर्शकों का भरोसा—ये सभी चीजें जरूरी हैं।हम चाहते हैं कि DPL से निकलने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं। जब एक लीग लगातार अच्छे खिलाड़ियों को तैयार करती है और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा प्रदान करती है, तो उसकी प्रतिष्ठा अपने आप बढ़ती है।
हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—DPL को ऐसा मंच बनाना जहां दिल्ली का हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी यह महसूस करे कि अगर वह मेहनत और अच्छा प्रदर्शन करेगा, तो उसके लिए आगे बढ़ने के अवसर जरूर मौजूद हैं। आने वाले वर्षों में हम DPL को और मजबूत, प्रोफेशनल और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
अशोक शर्मा का मानना है कि दिल्ली प्रीमियर लीग अब केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रह गई है, बल्कि यह दिल्ली के युवा क्रिकेटरों के सपनों को पंख देने वाला मंच बन चुकी है। Season 3 के जरिए DDCA का फोकस प्रतिभा को अवसर देने, महिला क्रिकेट को मजबूत करने और दिल्ली क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देने पर है।


