Saturday, October 3, 2026
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रोबोटिक सर्जरी में भारत की नई छलांग, दिल्ली-NCR बना देश का सबसे बड़ा केंद्र; 2025 में 10,937 प्रोसीजर

नई दिल्ली। भारत में रोबोटिक सर्जरी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और दिल्ली-NCR इस बदलाव का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। नई दिल्ली में आयोजित ‘सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी (SRS) इंडिया 2026’ इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली-NCR में 39 अस्पतालों में रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम उपलब्ध हैं। इनमें 11 अस्पताल ऐसे हैं, जहां एक से अधिक रोबोटिक सिस्टम लगाए गए हैं। वर्ष 2025 में दिल्ली-NCR में रोबोटिक-असिस्टेड प्रोसीजर की संख्या बढ़कर 10,937 पहुंच गई।

 

कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने भारत में रोबोटिक सर्जरी के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इसके साथ विकसित हो रही क्लिनिकल विशेषज्ञता पर चर्चा की। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-NCR में रोबोटिक-असिस्टेड प्रोसीजर की संख्या 2021 में 2,257 थी, जो 2022 में बढ़कर 3,594, 2023 में 5,024, 2024 में 7,595 और 2025 में 10,937 हो गई। इस तरह चार वर्षों में इन प्रोसीजर की संख्या करीब पांच गुना बढ़ी है।

 

रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में किया जा रहा है। वर्ष 2025 में दिल्ली-NCR में करीब 33 प्रतिशत रोबोटिक प्रोसीजर जनरल सर्जरी-बिनाइन मामलों में, 30.2 प्रतिशत यूरोलॉजी, 22.1 प्रतिशत गायनेकोलॉजी और 10 प्रतिशत जनरल सर्जरी-मैलिग्नेंट यानी कैंसर से जुड़े मामलों में किए गए। इसके अलावा सिर एवं गर्दन, थोरेसिक और कार्डियक सर्जरी में भी रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ।

 

भारत में रोबोटिक सर्जरी के विस्तार का असर राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। देश में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जिकल प्रोसीजर की संख्या 2021 में 8,912 थी, जो 2025 में बढ़कर 44,857 हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक यह आंकड़ा देश में रोबोटिक सर्जरी को अपनाने की बढ़ती गति और इस क्षेत्र में विकसित हो रही विशेषज्ञता को दर्शाता है।

 

SRS इंडिया 2026 को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत हेल्थकेयर इनोवेशन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और सर्जिकल रोबोटिक्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारत के पास भविष्य की चिकित्सा तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ उनमें नवाचार और विकास करने का अवसर है।

 

SRS इंडिया के आयोजन अध्यक्ष और मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली के मिनिमल एक्सेस, बैरिएट्रिक एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक बिंदल ने कहा कि दिल्ली-NCR में 39 अस्पतालों में रोबोटिक सिस्टम की मौजूदगी और लगातार बढ़ रही प्रोसीजर संख्या इस क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी के विस्तार को दर्शाती है। उनके अनुसार दिल्ली-NCR में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल विभिन्न सर्जिकल क्षेत्रों में बढ़ रहा है।

 

सफदरजंग अस्पताल में यूरोलॉजी, रोबोटिक एवं रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के प्रमुख प्रो. डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि भारत में रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। उन्होंने देश में रोबोटिक प्रोसीजर की संख्या 2021 के 8,912 से बढ़कर 2025 में 44,857 होने को इस बदलाव का महत्वपूर्ण संकेत बताया।

 

रोबोटिक सर्जरी के साथ अब टेलीसर्जरी का क्षेत्र भी चर्चा में है। कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बताया कि हाल के वर्षों में दूरस्थ स्थानों से रोबोटिक सर्जरी और टेली-मेंटोरिंग की संभावनाओं पर काम बढ़ा है। दिल्ली के वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में यूरोलॉजी, रोबोटिक्स और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख प्रो. डॉ. अनूप कुमार द्वारा गुरुग्राम से हैदराबाद के एक अस्पताल में करीब 1,600 किलोमीटर की दूरी से रोबोटिक टेलीसर्जरी किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

 

इसी क्रम में मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली के डॉ. विवेक बिंदल ने BORNS Robotics के साथ भारत और चीन के बीच क्रॉस-बॉर्डर लाइव रोबोटिक टेली-सर्जरी डेमो का नेतृत्व किया। इसमें दिल्ली-NCR के सर्जनों ने चीन के चेंगदू में स्थित रोबोटिक कंसोल को दूर से ऑपरेट कर प्री-क्लिनिकल प्रक्रियाएं पूरी कीं।

 

विशेषज्ञों के अनुसार टेलीसर्जरी के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा, सर्जिकल ट्रेनिंग, क्रेडेंशियलिंग, आपातकालीन व्यवस्था और नियामकीय ढांचे जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। वर्ष 2026 में ‘वर्ल्ड जर्नल ऑफ सर्जरी’ में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय सहमति सिफारिशों में भी रिमोट रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के लिए इन पहलुओं को महत्वपूर्ण बताया गया है।

 

SRS इंडिया 2026 का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत में रोबोटिक सर्जरी की संख्या और इसके लिए उपलब्ध तकनीकी ढांचा दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली-NCR में 2025 के दौरान 10,937 रोबोटिक-असिस्टेड प्रोसीजर और 39 अस्पतालों में रोबोटिक सिस्टम की उपलब्धता इस बदलाव के बड़े संकेतकों में शामिल है। वहीं देशभर में 2025 में 44,857 रोबोटिक-असिस्टेड प्रोसीजर दर्ज किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में रोबोटिक सर्जरी के साथ टेलीसर्जरी और रिमोट सर्जिकल सहयोग का क्षेत्र भी चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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