**श्री केशव रामलीला कमेटी का संदेश—भारत विरोधी ताकतों को स्वीकार नहीं करेगा देश, हर स्तर पर होगा विरोध**
**नई दिल्ली।** पीतमपुरा स्थित एनएसडी में श्री केशव रामलीला कमेटी की ओर से विजयादशमी के अवसर पर इस बार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया। रामलीला कमेटी का यह अनोखा प्रयोग चर्चा का विषय बन गया है। कॉकरोच के पुतले के दहन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह आयोजन देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है।
कमेटी ने कॉकरोच के पुतले के माध्यम से उन ताकतों के खिलाफ विरोध का संदेश देने का प्रयास किया, जिन्हें वह देश विरोधी और भारत की शांति एवं व्यवस्था को बिगाड़ने वाला मानती है। कमेटी का कहना है कि देश को अस्थिर करने और भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने और उनका विरोध करने की जरूरत है।
इस मौके पर मॉडल टाउन से विधायक अशोक गोयल देवरा, जो श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने के पीछे भी यही संदेश है कि देश विरोधी ताकतों और भारत को नुकसान पहुंचाने वालों का विरोध किया जाएगा। भारत की एकता, अखंडता और शांति को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस बार रामलीला में कॉकरोच के पुतले का दहन पारंपरिक रावण दहन से अलग रहा। जहां हर साल विजयादशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन बुराई के अंत के प्रतीक के रूप में किया जाता है, वहीं श्री केशव रामलीला कमेटी ने एक अतिरिक्त पुतले के जरिए समकालीन मुद्दे पर अपना संदेश देने की कोशिश की। यही वजह है कि पीतमपुरा की यह रामलीला इस बार अपने अनोखे आयोजन को लेकर चर्चा में है।


