नई दिल्ली, देश में रसोई गैस (एलपीजी) को लेकर उपभोक्ताओं की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले संभावित कमी की आशंका में लोग घबराकर सिलेंडर बुक कर लेते थे, वहीं अब आपूर्ति व्यवस्था पर उनका भरोसा मजबूत हुआ है। केंद्र सरकार की सख्त निगरानी, लगातार सप्लाई और पारदर्शी सिस्टम के चलते यह बदलाव संभव हुआ है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार,एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग में 98 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता अब डिजिटल माध्यमों पर अधिक भरोसा कर रहे हैं और अनावश्यक स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति में गिरावट आई है।
सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया। इसके तहत:1.28 लाख से अधिक निरीक्षण और छापेमारी की गई,59,000 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए
इन कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकना, अवैध भंडारण खत्म करना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना रहा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी हिस्से में एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है।
एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा परिवारों को सिलेंडर की डिलीवरी की गई
अधिकांश गैस एजेंसियां रविवार को भी सक्रिय हैं, ताकि आपूर्ति बाधित न हो
इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर उपभोक्ता तक समय पर गैस पहुंचे और किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा, खाद्य, पॉलिमर और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए भी थोक गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
23 मार्च से अब तक 10 लाख से अधिक कमर्शियल सिलेंडर की बिक्री दर्ज की गई
इससे उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।
सरकार की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई, बेहतर सप्लाई मैनेजमेंट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बना दिया है।
ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी और जमाखोरी में कमी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उपभोक्ताओं का विश्वास अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।


