जन्माष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए नन्हे कान्हा के दर्शन, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल और मंदिर प्रधान विजय शर्मा ने किया भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक
नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय माने जाने वाले कदंब वृक्ष की पावन लकड़ी से निर्मित भव्य झूले में नन्हे कान्हा को विराजित कर जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया। ब्रह्मपुरी गली नंबर-6 स्थित श्री हनुमान मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर परिसर में देर रात तक भजन-कीर्तन और कृष्ण नाम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्री हनुमान मंदिर (रजि.) ब्रह्मपुरी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के लिए मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट, फूलों के श्रृंगार और धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को कदंब की लकड़ी से बने भव्य झूले में विराजित किया गया। झूले और कान्हा के मनमोहक श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
राम मंदिर से महाकाल तक की झांकियां बनीं आकर्षण
जन्माष्टमी समारोह में अयोध्या के प्रभु श्रीराम और उज्जैन के महाकाल की विशेष झांकियां भी सजाई गईं। श्रद्धालुओं ने इन झांकियों के दर्शन कर धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभूति की। इसके अलावा वृंदावन बिहारी लाल जी की तर्ज पर सजाया गया भव्य फूल बंगला भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। फूलों से सजे इस बंगले में भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहा।
डीसीपी राहुल अलवाल ने किया भगवान का अभिषेक
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद विधि-विधान के साथ अभिषेक और आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की और श्रद्धा के साथ आरती में हिस्सा लिया।
मंदिर समिति के प्रधान विजय शर्मा ने भी भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया। इस दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे। डीसीपी राहुल अलवाल और प्रधान विजय शर्मा द्वारा भगवान के अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

बड़ी संख्या में पहुंचे गणमान्य अतिथि
कार्यक्रम में प्रधान विजय शर्मा, सचिव लोमेश त्यागी, उमाकांत गुप्ता, परशुराम रावत, हेमंत अवस्थी, पदम भार्गव, संजय शुक्ला, मोहित गुप्ता और तनुज सोलंकी सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। निगम पार्षद अनिल कुमार शर्मा गौड़, जितेंद्र उपाध्याय समेत कई गणमान्य अतिथियों ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और धार्मिक झांकियों का अवलोकन किया।
भजनों और जयकारों से गूंजता रहा मंदिर
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। भजन-कीर्तन, शंखनाद और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण कृष्णमय हो गया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगाए। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
श्री हनुमान मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। जन्माष्टमी महोत्सव में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देर रात तक मंदिर में भक्तों का आना-जाना जारी रहा और पूरा क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबा नजर आया।


