प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह अजमेर शरीफ में पत्रकार शहजाद अहमद ने अपने साथियों डॉ. नावेद सिद्दीकी और डॉ. फावज नावेद के साथ हाजरी दी। इस दौरान उन्होंने दरगाह में अकीदत के फूल पेश किए और मुल्क में अमन, भाईचारे, तरक्की तथा सभी लोगों की खुशहाली के लिए विशेष दुआ की।
दरगाह में हाजरी के दौरान सैयद अली दुजाना गुरदेज़ी, जो अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख खादिम एवं कार्यवाहक हैं, ने शहजाद अहमद और उनके साथियों की जियारत करवाई। उन्होंने दरगाह की परंपराओं के अनुसार सभी को दुआओं से नवाजा और ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में खैर-ओ-बरकत की दुआ की।
इस अवसर पर पत्रकार शहजाद अहमद ने कहा कि दरगाह अजमेर शरीफ दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था, मोहब्बत और इंसानियत का केंद्र है। उन्होंने कहा, “ख्वाजा गरीब नवाज की चौखट पर हाजरी देने से दिल को सुकून और रूहानी फैज हासिल होता है। यहां का माहौल इंसान को मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है।”

उन्होंने कहा कि दरगाह पर पहुंचकर उन्होंने अपने परिवार, मित्रों, देश और समाज की बेहतरी के लिए दुआ की। शहजाद अहमद ने बताया कि अजमेर शरीफ की दरगाह पर हर धर्म और समुदाय के लोग बड़ी श्रद्धा के साथ आते हैं और यहां से उन्हें आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
हाजरी के दौरान दरगाह परिसर में मौजूद जायरीन ने भी ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में अपनी-अपनी मुरादों और देश की खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। दरगाह अजमेर शरीफ को देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सूफी परंपरा, प्रेम और मानवता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।


