- Ip

उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में गुरुवार सुबह आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जब भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट प्रातः 6:15 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम “जय बद्री विशाल” के जयघोष से गूंज उठा।
कपाट खुलने के शुभ अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल और अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से स्वच्छ और हरित चारधाम यात्रा में सहयोग करने की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कपाट खुलने के साथ ही धाम में आस्था, परंपरा और बेहतर व्यवस्थाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
लोक संस्कृति की छटा से सजा धाम
इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और लोक संस्कृति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी आस्था प्रकट की।
भंडारे का शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भंडारे का उद्घाटन कर श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों की सराहना करते हुए इसे मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
इस मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों, मंदिर समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


