चार वर्षों से सांस लेने और चलने-फिरने में हो रही थी परेशानी, दुर्लभ ऑपरेशन के बाद मिली राहत
नई दिल्ली, 17 जून। राजधानी दिल्ली में डॉक्टरों ने एक 55 वर्षीय महिला के पेट से 14.5 किलोग्राम वजन का कैंसरग्रस्त ट्यूमर निकालकर एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह भारत में सर्जरी के जरिए निकाले गए सबसे बड़े एब्डॉमिनल (पेट के) कैंसरग्रस्त ट्यूमर में से एक माना जा रहा है।
मरीज पिछले करीब चार वर्षों से पेट में बढ़ती गांठ के कारण सांस लेने में कठिनाई और चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रही थीं। समय के साथ ट्यूमर का आकार इतना बढ़ गया कि उसने पेट के बड़े हिस्से को घेर लिया और दैनिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया।
विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया। करीब 10 घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया के दौरान 30×30 सेंटीमीटर आकार का कैंसरग्रस्त ट्यूमर निकाला गया। ट्यूमर मरीज की बाईं किडनी को पूरी तरह घेर चुका था, जिसके कारण किडनी को भी हटाना पड़ा। इसके अलावा गर्भाशय में बड़े फाइब्रॉयड की मौजूदगी के चलते गर्भाशय, दोनों डिंबग्रंथियों और फैलोपियन ट्यूब्स को भी सर्जरी के दौरान निकालना पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के ट्यूमर बेहद दुर्लभ होते हैं और पेट में विकसित होने वाले सारकोमा श्रेणी के कैंसर के मामलों में इनकी संख्या बहुत कम होती है। सबसे बड़ी चुनौती ट्यूमर को निकालने के साथ-साथ आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और रक्तवाहिकाओं को सुरक्षित रखना था।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते सर्जरी नहीं की जाती तो मरीज को गंभीर और जानलेवा जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता था। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और एक सप्ताह बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
कैंसर विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में असामान्य सूजन, लगातार बढ़ती गांठ, सांस लेने में दिक्कत या पेट के आकार में असामान्य वृद्धि जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से जटिल बीमारियों का सफल इलाज संभव है।


