नई दिल्ली, देश ने शनिवार को पूरे उत्साह, गौरव और देशभक्ति के साथ अपना 80वां स्वतंत्रता दिवसमनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। तिरंगा फहराए जाने के साथ ही राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दी और पूरा लाल किला परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। प्रधानमंत्री ने इसके बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत के भविष्य, आत्मनिर्भरता, युवाशक्ति, तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तार से अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश के स्वतंत्रता सेनानियों और उन सभी महान विभूतियों को नमन किया, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए संघर्ष और बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और देश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए तेज गति से काम करना होगा। उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने विकास की दिशा में अपनी ‘सप्तधारा’ रूपरेखा का भी उल्लेख किया, जिसमें महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की क्षमता और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में देश की ताकत बढ़ाने की दिशा शामिल है।
प्रधानमंत्री के संबोधन में युवाशक्ति प्रमुख विषयों में रही। उन्होंने युवाओं को भारत के भविष्य का निर्माण करने वाली सबसे बड़ी ताकत बताते हुए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कौशल विकास पर जोर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था से जुड़ी पहल की घोषणा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और भारत की उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और अन्य क्षेत्रों में घरेलू निर्माण क्षमता बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में भी जोर दिया। प्रधानमंत्री का संदेश था कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को महत्वपूर्ण तकनीकों और रणनीतिक क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी।
प्रधानमंत्री ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा सहित विभिन्न ऊर्जा स्रोतों में क्षमता बढ़ाने की दिशा पर चर्चा की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी देश को सजग और मजबूत रहने का संदेश दिया।

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का विशेष महत्व भी रहा। लाल किले पर आयोजित समारोह में इस ऐतिहासिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीत को विशेष रूप से याद किया गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, युवाशक्ति और देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने नागरिकों से विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और देशहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर आयोजित समारोह के दौरान बड़ी संख्या में विशेष अतिथि, गणमान्य लोग और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आमंत्रित नागरिक मौजूद रहे। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पूरे शहर में स्वतंत्रता दिवस का उत्साह देखने को मिला।


