तिरंगा फहराकर शहीदों और सिंध से विस्थापित होकर आए पूर्वजों को किया नमन
नई दिल्ली।सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत) की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और श्रद्धा के वातावरण में तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की एकता, अखंडता एवं समृद्धि के लिए संकल्प लिया।
सिंधु समाज दिल्ली के महामंत्री नरेश बेलानी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि उन अनगिनत वीरों को स्मरण करने का दिन है जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी से भारत को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उन्होंने कहा कि आज हम जिस आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे वीर शहीदों का त्याग, संघर्ष और बलिदान है। श्री बेलानी ने भावुक होते हुए कहा कि सिंधी समाज के संघर्ष और बलिदान की गाथा भी देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के समय सिंध की अपनी जन्मभूमि, घर, कारोबार, संपत्ति, रिश्ते-नाते और जीवनभर की कमाई छोड़कर हजारों-लाखों सिंधी परिवार भारत आए। अनेक परिवारों ने सब कुछ खो दिया, लेकिन देश के प्रति अपना विश्वास और नई जिंदगी शुरू करने का हौसला कभी नहीं खोया।
श्री नरेश बेलानी ने कहा,“हमारे बुजुर्ग सिंध से खाली हाथ भारत आए थे, लेकिन अपनी मेहनत, ईमानदारी और संघर्ष के बल पर उन्होंने न केवल अपने परिवारों को संभाला, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। हमें उनके त्याग और संघर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझे और देश की एकता, भाईचारे एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। सिंधी समाज ने हमेशा राष्ट्रहित और देश की तरक्की को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आगे भी इसी भावना के साथ भारत के विकास में अपना योगदान देता रहेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोगों ने तिरंगे को नमन करते हुए अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और उन सिंधी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी के बावजूद भारत को अपना घर बनाया और अपने अथक संघर्ष से नई पहचान कायम की।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और समृद्धि को बनाए रखने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


