माँ कहती है रात अकेली,
ना जाओ तुम सड़कों पर।
अगर बुरा कुछ हो जाए तो,
दोष ना देना लड़कों पर।
कपड़े पहनो ढके हुए,
कि नज़र पुरुष की ठीक नहीं।
सारी सीख मेरी ही ख़ातिर,
उनको कोई सीख नहीं।
छोटे कपड़े पुरुषों की,
नीयत में खोट बढ़ाते हैं।
बेचारे गिरने से पहले,
कितना लड़खड़ाते हैं।
गलत हुआ कुछ, तो भी लड़की पर,
ही प्रश्न उठाती है।
ये दुनिया है अपने लड़कों को,
कब ये समझाती है?
देखो बिटिया, गलियाँ-नुक्कड़,
ज़रा सुरक्षित नहीं रहे।
छह से पहले घर पर आ जाना,
देख, न कोई गलत कहे।
मैंने पूछा, माँ, पर भाई भी तो,
देर से आता है।
क्या उसके बाहर रहने से,
मन ये ना घबराता है?
बेटा वो तो लड़का है,
वो निडर है, उसको किसका डर?
बेटी घर की इज़्ज़त है,
तो रात से पहले आए घर।
लोग बनाएँगे बातें,
बेटी को ज़्यादा दिया, उड़ा।
कोई नहीं कहेगा, बेटा क्यों,
नुक्कड़ पर रहा खड़ा।
लेकिन माँ, लड़की को आख़िर,
ऐसा भी किससे है डर?
बाहर बेटे भी तो हैं,
तो बेटी क्यों न रहे निडर?
कौन हैं वो सड़कों पर, जिनसे,
लड़की डरकर जीती है?
कदम-कदम पर, घुट-घुटकर,
यूँ घूँट ज़हर का पीती है।
लड़कों से ख़तरा है, तो फिर,
लड़के घर में बंद रहें।
और लड़कियाँ फिर जैसे चाहें,
वैसे स्वच्छंद रहें।
कैद वही होता है ना,
जो अपराधी कहलाता है?
फिर इनके अपराध का बदला,
हमें दिया क्यों जाता है?
लड़कों को गर नहीं पता,
क्या महिलाओं की इज़्ज़त है।
तो कोई इनको ये सब बातें,
क्यों नहीं बताता है?
अपराधी भी ये हैं, और फिर,
ये ही क्यों आज़ाद रहें?
इनको घर में रखो ताकि,
ना कोई अपराध रहे।
इन्हें सिखाओ, माँ-बहनों की,
कैसे इज़्ज़त करते हैं।
रक्षक से भक्षक बनकर,
जो रक्षा का दम भरते हैं।
मेरे कपड़े, मेरी इज़्ज़त,
इस पर अब ना बात करें।
इन्हें सिखाओ, कैसे अपने,
काबू में जज़्बात करें।
देर रात तक बाहर ये हैं,
लड़की इनसे डरे नहीं।
बिना वजह पीछा महिला का,
ये रक्षक अब करें नहीं।
इज़्ज़त का आधा हिस्सा,
अब इनके हाथों में भी दो।
लड़की ही क्यों ध्यान रखे,
अब थोड़ा ध्यान इन्हें भी हो।
समय से घर को आने का,
बस लड़की पर ही बोझ न हो।
लड़का भी अब देर रात को,
घर के बाहर रोज़ न हो।
संस्कार की शिक्षा केवल,
लड़की पर न लादी हो।
लड़के भी इस शिक्षा के,
पाने के थोड़े आदि हों।
दोनों को आज़ादी हो,
और दोनों संस्कारी भी।
इज़्ज़त पहले पुरुष करे,
फिर उसे सँभाले नारी भी।
इज़्ज़त पहले पुरुष करे,
फिर उसे सँभाले नारी भी।
✍️ RJ Rekha Crystal Voice


