उत्तराखंड, रुड़की | उत्तराखंड के रुड़की स्थित विश्वप्रसिद्ध दरगाह कलियर शरीफ में हज़रत ख़्वाजा मख़दूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह के 17वी कुल शरीफ के मुबारक मौके पर अकीदत, रूहानियत और भाईचारे का शानदार माहौल देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पहुंचे जायरीनों ने दरगाह पर हाज़िरी देकर अपनी अकीदत पेश की और मुल्क में अमन-ओ-आशती, खुशहाली, तरक्की तथा आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं।
इसी सिलसिले में पत्रकार एवं चिश्तिया कमेटी नियाज़ी वेलफेयर सोसाइटी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शाहज़ाद अहमद ने भी कलियर शरीफ पहुंचकर 17वीं कुल शरीफ में शिरकत की। उन्होंने पूरी अकीदत के साथ दरगाह पर हाज़िरी दी और हज़रत ख़्वाजा मख़दूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने पर फूल पेश किए।
इस दौरान शाहज़ाद अहमद ने देश की तरक्की, अमन-ओ-आशती, खुशहाली, आपसी भाईचारे और इंसानियत की मजबूती के लिए विशेष दुआ की। उन्होंने अपने दोस्तों, साथियों, परिवारजनों और तमाम अकीदतमंदों की सलामती, खुशहाली और बरकत के लिए भी दुआएं कीं।
शाहज़ाद अहमद ने कहा कि बुजुर्गाने दीन के आस्ताने हमेशा मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और अमन का पैगाम देते हैं। ऐसे मुकद्दस और रूहानी मौकों पर केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे मुल्क और पूरी दुनिया के लिए अमन, सलामती और खुशहाली की दुआ करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश में आपसी प्रेम और भाईचारा मजबूत हो तथा हर इंसान सुख-शांति के साथ जीवन व्यतीत करे, यही उनकी कामना है।

इस मौके पर सज्जादा शाह यावर एजाज़ साबरी ने पत्रकार शाहज़ाद अहमद की हाज़िरी कराई और उनके लिए दुआ-ए-ख़ैर की। उन्होंने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के साथ-साथ देश-दुनिया के तमाम लोगों की सलामती, नेकियों और बरकतों के लिए विशेष दुआ की।
17वीं कुल शरीफ के इस मुबारक मौके पर पत्रकार शाहज़ाद अहमद के साथ मुस्लिम खान, हसनैन खान और तबिश खान ने भी शिरकत की। सभी ने दरगाह पर हाज़िरी देकर अपनी अकीदत पेश की और मुल्क तथा पूरी दुनिया में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
कुल शरीफ के दौरान कलियर शरीफ का पूरा माहौल रूहानी कैफियत से सराबोर नजर आया। दरगाह परिसर में पहुंचे जायरीनों ने बड़े ही अदब और एहतराम के साथ हाज़िरी दी। लोगों ने अपने परिवारों, दोस्तों और मुल्क की खुशहाली के साथ-साथ दुनिया में अमन और सलामती के लिए दुआएं कीं।
17वीं कुल शरीफ का यह मुबारक अवसर मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत के पैगाम को मजबूत करने वाला रहा, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से आए अकीदतमंदों ने एकजुट होकर अमन और खुशहाली की दुआ की।


